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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 15, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Famous Temples In Agra: रावली मंदिर का शिवलिंग हटाने में छूटे थे अंग्रेज इंजीनियरों के पसीने, मुगल शासन से जुड़ा है इतिहास

    By Abhishek SaxenaEdited By:
    Updated: Fri, 15 Jul 2022 04:22 PM (GMT+05:30)

    Famous Temples In Agra शिव मंदिरों की श्रृंखला में आगरा का रावली मंदिर बेहद खास है हर सोमवार को मेला लगता है। एक प्राचीन मान्यता इस मंदिर के इतिहास से ...और पढ़ें

    भगवान शिव का मंदिर है रावली, सोमवार को लगता है मेला। तस्वीर सौः जागरण
    भगवान शिव का मंदिर है रावली, सोमवार को लगता है मेला। तस्वीर सौः जागरण

    आगरा, जागरण टीम। भगवान शंकर को प्रिय सावन का महीना गुरुवार से शुरू हो गया। कोरोना काल में दो साल सावन में शिव मंदिरों पर मेला नहीं लगा। सावन के दूसरे सोमवार पर परिक्रमा भी नहीं लगी। मगर, इस बार मंदिरों में मेले लगेंगे और परिक्रमा भी। सोमवार को आगरा में रावली मंदिर में भी भारी संख्या में भक्त पूजा-अर्चना को पहुंचते हैं।

    12 अगस्त तक चलेगा सावन का महीना

    हिंदू पंचांग के अनुसार, श्रावण मास का आरंभ आषाढ़ पूर्णिमा (गुरु पूर्णिमा) के समापन के साथ होता है। गुरुवार से शुरू हुआ सावन का महीना 12 अगस्त तक चलेगा। चारों कोनों पर शिव मंदिर हैं। सावन के चारो सोमवार को मेला लगता है। इसके साथ ही श्री मनकामेश्वर मंदिर और रावली मंदिर पर भी मेला लगता है।

    मुगह बादशाह अकबर के शासनकाल से जुड़ा है इतिहास

    रावली महादेव मंदिर, एमजी रोड मंदिर का इतिहास मुगल बादशाह अकबर के शासनकाल में आमेर के राजा मानसिंह युद्ध के लिए अफगानिस्तान गए थे। उन्हें अटक पहाड़ी पर एक शिवलिंग मिला। वे शिवलिंग लेकर जा रहे थे, आज जहां रावली मंदिर है, वहां उन्होंने शिवलिंग रख दिया। इसके बाद शिवलिंग को कहीं और नहीं ले जा सके। मंदिर के आसपास रावल राजपूत रहते थे, इसलिए इसका नाम रावली महादेव मंदिर पड़ गया।

    मंदिर की विशेषता

    ब्रिटिश शासनकाल में आगरा में रेलवे लाइन बिछाई गई, बीच में मंदिर था। शिवलिंग को उस जगह से कुछ दूरी पर विस्थापित करने के प्रयास किए गए लेकिन इंजीनियर सफल नहीं हुए। इसलिए रेल लाइन को मंदिर के सामने घुमाकर बिछाना पड़ा।

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    मनोकामना होती है पूरी

    यहां मनोकामना पूरी होती है। इसके लिए 11, 21, 41 दिन भक्त नियमित जलाभिषेक करने के लिए आते हैं। एमजी रोड पर मंदिर है, इसलिए हर सोमवार पर मेला लगता है और बड़ी संख्या में भक्त दर्शन करने के लिए आते हैं। - शेखर शर्मा, महंत रावली महादेव मंदिर

    ऐसे पहुंचे रावली मंदिर

    रावली शिव मंदिर कलक्ट्रेट के निकट है, इस मंदिर पर सावन के साेमवार के साथ-साथ शिवरात्रि पर विशेष पूजा-अर्चना के लिए शिव भक्त पहुंचते हैं। पहुंचने के लिए कई रास्ते हैं। एमजी रोड से यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है।

    इस बार पड़ेंगे चार सोमवार

    ज्योतिशास्त्री पंकज प्रभु ने बताया इस बार सावन के महीने में 4 सोमवार पड़ेंगे। कैलाश मंदिर के महंत गौरव गिरि ने बताया कि सावन के सोमवार के लिए मंदिरों में तैयारी चल रही है।

    इस बार मेला का आयोजन किया जाएगा, दूसरे सोमवार को चारों शिवालयों की परिक्रमा भी लगेगी। बल्केश्वर मेला समिति गठित सावन के दूसरे सोमवार को बल्केश्वर मंदिर में मेला आयोजित किया जाता है। परिक्रमा भी लगती है।

    यहां लगेंगे मेले

    • सावन का पहला सोमवार- 18 जुलाई राजेश्वर मंदिर मेला
    • सावन का दूसरा सोमवार- 25 जुलाई बल्केश्वर मंदिर मेला, परिक्रमा
    • सावन का तीसरा सोमवार- 01 अगस्त कैलाश मंदिर मेला
    • सावन का चौथा सोमवार- 08 अगस्त पृथ्वीनाथ मंदिर मेला
    • सावन का आखिरी दिन- 12 अगस्त

    सभी प्रतिबंध हटे, आयोजन होंगे

    आगरा के जिलाधिाकरी प्रभु एन सिंह ने बताया कि कोरोना को लेकर लगाए गए प्रतिबंध हट चुके हैं, पूर्व की तरह से ही सावन के महीने में आयोजन होंगे।

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