Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 28, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Mukhtar Ansari Case: आगरा सेंट्रल जेल में थी ऐसी धाक!, बरामद हुई थी बुलेटप्रूफ जैकेट और मोबाइल, यहीं से लड़ा 2014 का लोकसभा चुनाव

    Updated: Thu, 28 Mar 2024 11:01 PM (IST)

    Death of Mukhtar Ansari गाजीपुर की अदालत से गैंगस्टर मामले में सजा पाने वाला मुख्तार अंसारी केंद्रीय कारागार में नौ साल तक रहा था। मार्च 1999 में उसकी ...और पढ़ें

    Death of Mukhtar Ansari: बांदा मेडिकल कॉलेज में मुख्तार अंसारी मृत घाेषित कर दिया। फाइल फोटो।
    Death of Mukhtar Ansari: बांदा मेडिकल कॉलेज में मुख्तार अंसारी मृत घाेषित कर दिया। फाइल फोटो।

    HighLights

    1. मुख्तार अंसारी मामले में 25 वर्ष चला मुकदमा, अधूरी रह गई गवाही
    2. सेंट्रल जेल में 1999 में पड़े छापे में अंसारी की बैरक से मिली थी बुलेटप्रूफ जैकेट, मोबाइल

    जागरण संवाददाता, आगरा। बांदा जेल में बंद मऊ के पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी के खिलाफ आगरा में 25 वर्ष से मुकदमा चल रहा था। मुकदमे में 25 लोगों गवाह थे। इनमें 17 लोगों की गवाही हो चुकी थी। विवेचक समेत चार लोगों की गवाही बाकी थी। गुरुवार रात को मुख्तार अंसारी की मौत के बाद गवाही अधूरी रह गई। चार अप्रैल 2024 को मुकदमे में गवाही होनी थी।

    वर्ष 1999 में मुख्तार अंसारी केंद्रीय कारागार की बैरक संख्या पांच में बंद था। तत्कालीन डीएम आरके तिवारी, एसएसपी सुबेश कुमार सिंह के साथ 18 मार्च 1999 पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने छापा मारा था। अंसारी की बैरक से बुलेटप्रूफ जैकेट, मोबाइल और सिम आदि बरामद किया था।

    अभियोग हुआ था दर्ज

    अंसारी के खिलाफ जगदीशपुरा थाने में तत्कालीन थानाध्यक्ष शिवशंकर शुक्ला की ओर से अभियोग दर्ज कराया गया था।।मुख्तार के खिलाफ दर्ज मुकदमे में कुल 25 गवाह थे। चार गवाहों की मृत्यु हो गई थी। अब तक 17 गवाहों के ही बयान दर्ज हो गए थे। चार गवाहों के बयान बाकी रह गए थे। उसकी मृत्यु के साथ ही यह मुकदमा अब खत्म हो जाएगा।

    Read Also: Mukhtar Ansari Death: इंटर स्टेट गैंग 191 का सरगना था मुख्तार अंसारी, कृष्णानंद राय हत्याकांड के बाद कसा शिकंजा, 18 साल जेल में गुजरीं

    इन प्रमुख गवाहाें के हो चुके हैं बयान

    वादी शिवशंकर शुक्ला, तत्कालीन डीएम आरके तिवारी, एसएसपी सुबेश कुमार सिंह,एसपी सिटी डीसी मिश्रा, एडीएम सिटी एके सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट पीएन दुबे अपने बयान दर्ज करा चुके हैं। इसके अलावा मुख्य चिकित्साधिकारी एके सक्सेना, वरिष्ठ अधीक्षक केंद्रीय कारागार केदारनाथ, उप जेलर कैलाशचंद, उप निरीक्षक रूपेंद्र गौड़, खंदौली निवासी जगवीर समेत 17 लोगों की गवाही हो चुकी थी।

    खबरें और भी

    Read Also: Mukhtar Ansari Death; ऐसा था साम्राज्य, 32 साल बाद हुई थी पहली सजा, वाराणसी की अदालत ने आजीवन कारावास की सुनाई सजा

    Read Also: Mukhtar Ansari News: मुख्तार अंसारी की बोलती थी तूती, दबदबा ऐसा… लगातार पांच चुनाव में एकतरफा बना था विधायक

    सेंट्रल जेल से लड़ा था वर्ष 2014 का लोकसभा चुनाव

    सेंट्रल जेल में मुख्तार अंसारी वर्ष 2010 में आया था। यहां पर वह साढ़े चार वर्ष तक रहा था। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में घोसी संसदीय क्षेत्र से राष्ट्रीय कौमी एकता दल से पर्चा भरा था। तब मकोका और सीबीआइ कोर्ट ने अंसारी को 10 दिन कस्टडी पैरोल के आदेश उसके प्रचार के लिए दिए थे। उसकी सुरक्षा को लेकर चले नौ दिन मंथन के बाद अंसारी को सेंट्रल जेल से 10 मई 2014 की सुबह कड़ी सुरक्षा में रवाना किया था। प्रचार के लिए संसदीय क्षेत्र पहुंचने से पहले चुनाव प्रचार समाप्त हो गया था।

    Read Also: Mukhtar Ansari Death: माफिया मुख्तार अंसारी की इलाज के दौरान मौत, तबीयत खराब होने पर जेल से लाया गया था मेडिकल कॉलेज

    कोरोना काल से वीडियो कांफ्रेंसिंग से कर रहा था तारीख

    मुख्तार अंसारी का मुकदमा आगरा की एमपी/एमलए कोर्ट में चल रहा था। बांदा जेल में बंद रहा मुख्तार अंसारी कोरोना काल से वीडियो कांफ्रेंसिंग से तारीख कर रहा था।