क्राइम शो देखा, कैसे ठिकाने लगाएं लाश? कातिल पत्नी ने बाथरूम में गाड़ा पति; मेरठ की मुस्कान से खतरनाक आगरा की रूबी!
आगरा में रूबी ने पति सुरेंद्र शर्मा की हत्या कर शव को बाथरूम में दफना दिया, डेढ़ महीने बाद मामले का खुलासा हुआ। उसने क्राइम सीरियल देखकर और इंटरनेट पर ...और पढ़ें

इंसेट में सुरेंद्र की फाइल फोटो, घर का बाथरूम और कातिल पत्नी रूबी। जागरण
HighLights
पत्नी रूबी ने पति सुरेंद्र शर्मा की हत्या की।
शव को बाथरूम में दफनाया, ऊपर से फर्श बनाया।
क्राइम सीरियल देखकर हत्या और शव छिपाने की योजना बनाई।
जागरण संवाददाता, आगरा। 67 वर्ग गज का मकान। दो कमरे, बाथरूम और किचिन। पति-पत्नी, दो बच्चियां और बुजुर्ग मां की जिंदगी बस इसी में सिमटी थी। 16 घरों वाली गली में सभी आपस में मेल-जोल से रहते थे। मगर, सुरेंद्र शर्मा के घर का गेट सभी के लिए हमेशा बंद रहता था।
इतना ही नहीं उसने पर्दा भी डाल रखा था, जिससे अंदर क्या हो रहा है, कोई देख भी न आए। सुरेंद्र का यही एकाकी अंदाज डेढ़ माह तक मामले के न खुलने का अहम कारण भी बना।
दहतोरा की रेणुका धाम कॉलोनी में शुक्रवार दोपहर जब सुरेंद्र शर्मा की हत्या की जानकारी पड़ोसियों को हुई तो वे हैरत में पड़ गए। यहां रहने वाले गौरव दीक्षित ने बताया कि 25 जनवरी 2014 को उन्होंने वह मकान में गृह प्रवेश किया था, जिसमें अब सुरेंद्र का परिवार रहता था।

हत्यारोपित रूबी। जागरण
गेट पर भी अंदर लगा रखा था पर्दा, गेट से अंदर नहीं जाता था कोई
67 वर्ग गज के मकान में वे रह नहीं पा रहे थे, इसलिए 2017 में उन्होंने दूसरा मकान पास में ही बनवा लिया और शिफ्ट हो गए। तब यह मकान सुरेंद्र शर्मा ने खरीदा था। मां, पत्नी और दो बच्चियों के साथ वे रहने आए थे। तब से वे रह रहे थे। पड़ोसियों ने बताया कि शराब पीने को रुपये को लेकर पति-पत्नी में अक्सर झगड़े होते थे।
पति ने छोड़ दी थी नौकरी
शराब की वजह से पति ने डिलीवरी ब्यॉय की नाैकरी छोड़ दी थी। रूबी ही घर में कपड़े मिलने का काम करती थी। उसे जो रुपये मिलते थे, उसे पति झगड़ा करके छीन लेता था। कई बार लोगों ने समझाने का प्रयास किया। मगर, सुरेंद्र बीच बचाव करने वालों से भी गाली- गलौज करते थे। ऐसे में सबने बोलना बंद कर दिया था।
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झगड़े में बीच-बचाव की कोशिश पर गाली- गलौज करता था पति
अपने गेट पर पर्दा भी लगा रखा था, जिससे कोई अंदर नहीं देख सके। दिन के साथ ही रात में दो-दो बजे तक झगड़े होते थे। सुरेंद्र के लापता होने की जानकारी उनकी पत्नी रूबी ने मोहल्ले वालों को दी। वह पूछने पर गेट पर ही बैठकर रोने लगती थी, लेकिन घर में किसी को नहीं जाने दिया। पहले से भी कोई नहीं जाता था, इसलिए किसी ने प्रयास भी नहीं किया।
पड़ोसियों को यह अंदाजा भी नहीं था कि वह हत्या करके शव को घर में ही दफन कर देगी। महिलाएं उसके कृत्य की आलोचना कर रही थी।
पुलिस और स्वजन को करती रही गुमराह
रूबी पुलिस के साथ तलाश कराती रही। स्वजन को गुमराह करती रही कि सुरेंद्र पांच हजार रुपये लेकर गए हैं, लौट आएंगे।मोहल्ले की महिलाओं से अलग-अलग बात कहती थी। किसी से कहती थी कि वह मोहल्ले से उधार रुपये लेने गई थी। सुरेंद्र को गेट पर बैठा छोड़ गई थी। लौटकर पहुंची तो वे गायब थे। किसी से वह कहती थी कि छत से कूदकर चले गए। पता नहीं कहां गए।
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क्राइम सीरियल देखकर रची थी साजिश
हत्यारोपित रूबी ने पुलिस को बताया कि वह पति की प्रताड़ना से परेशान थी। वह कुछ समय से हत्या करने और शव छिपाने के तरीके जानने के लिए क्राइम सीरियल देखती थी। इसके अलावा उसने इंटरनेट पर भी यह सर्च किया। इसके बाद उसने साजिश रची कि वह शव को घर में ही ठिकाने लगाएगी। क्योंकि बाहर ले जाने पर पकड़े जाने का खतरा अधिक है।
मानसिक आघात में उठा सकते हैं ऐसा कदम, घटनाओं से मिल रहा बचने का तरीका
मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय के निदेशक प्रो. दिनेश राठौर का कहना है कि यह सामान्य घटना नहीं हैं। कुछ इस तरह की घटना हुई होगी जिससे गहरा मानसिक आघात हुआ है, इस तरह के मामलों में लोग गलत कदम लोग उठा लेते हैं। वहीं, पति की मौत के बाद किसी को पता ना चले इसके लिए पूरी प्लानिंग के साथ काम किया गया। इस तरह की साजिश आए दिन हो रही घटनाएं, रील, वीडियो से लोग देखकर रच रहे हैं।
बच्चों को जेठ के घर भेजा
बच्चों को जेठ के घर भेजा, उनसे कहा कि आप बाहर ही मिल जाना।मैं वहीं लेकर आ जाऊंगी यह भी कहा। पुलिस को आशंका है कि उसने तब तक खीर में गोली दे दी थीं। पति और सास नींद की गोली खाती थीं। इसलिए रूबी को गोली बाहर से नहीं लानी पड़ीं। उसे खीर में गोली मिलाकर खिलाने का तरीका सही लगा। इंटरनेट पर सर्च करने के बाद उसने ऐसा ही किया।
टाइम लाइन
18 मई: पति की हत्या करके बच्चों और सास को जेठ के घर भेज दिया।
26 मई- सिकंदरा थाने में पति की गुमशुदगी लिखा दी।
3 जुलाई- हत्याकांड का पर्दाफाश हो गया और हत्यारोपित रूबी गिरफ्तारी कर ली गई।
आठ दिन जेठ के घर में रही रूबी
हत्या करने के बाद वह 19 मई को जेठ के घर चली गई थी।कहा कि घर में अकेले मन नहीं लग रहा था। सात से आठ दिन वहीं रही। शायद वह इसलिए तब रही होगी कि बाथरूम का फर्श सूख जाए। इसके बाद चली आई। बीच -बीच में वह फिर जेठ के घर जाती थी और आ जाती थी। अपने घर आने के बाद भी वह गेट पर बैठकर रोती थी, ताकि किसी को शक न हो।