आगरा : सड़क सुरक्षा को लेकर केसी जैन ने दाखिल कीं 35 याचिका, कैशलेस ट्रीटमेंट और हिट एंड रन समेत उठाए ये मुद्दे
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड का गठन हुआ है, जिसके लिए वरिष्ठ अधिवक्ता केसी जैन ने 35 याचिकाएं दायर की थीं। जैन ने सड़क हादसों ...और पढ़ें

HighLights
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड गठित।
केसी जैन ने 35 याचिकाओं में उठाए गंभीर मुद्दे।
बोर्ड को प्रभावी ढंग से काम करने की मांग।
जागरण संवाददाता, आगरा। सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता केसी जैन की याचिका पर 13 मई को राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड के गठन का आदेश किया था। केंद्र सरकार ने 29 जून को बोर्ड के गठन की अधिसूचना भी कर दी है। केसी जैन सड़क सुरक्षा से संबंधित 35 याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कर चुके हैं।
इनमें सड़क हादसों में घायल व्यक्तियों का कैशलेस ट्रीटमेंट, यातायात नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए इलेक्ट्रानिक मानीटरिंग, हिट एंड रन हादसों में मुआवजे का भुगतान, हादसों में आहत व्यक्तियों को अंतरिम राहत, उप्र सरकार के चालान माफी के अध्यादेश को आंशिक रूप से वापस लेना आदि मामले प्रमुख हैं। केसी जैन ने सुप्रीम कोर्ट में वर्ष 2024 में मोटर वाहन अधिनियम की धारा 215-ख के तहत याचिका दायर कर राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड के गठन की मांग की थी।
असरदार तरीके से करना चाहिए काम
उन्होंने बताया, बोर्ड का गठन मेरे लिए संतोष की बात है। मगर, यह गठन कागजी नहीं होना चाहिए। हर दिन की देरी सीधे इंसानी जिंदगियों से जुड़ी है। देश प्रतिवर्ष पौने दो लाख से अधिक नागरिकों को सड़क हादसों में खो रहा है। बोर्ड को तुरंत और असरदार तरीके से काम करना चाहिए।
यह सवाल संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत हर नागरिक के जीवन के अधिकार से भी जुड़ा है। अब देखना यह है कि केंद्र व राज्य सरकारें बोर्ड के निर्देशों को कितने प्रभावशाली ढंग से कार्यान्वित करती हैं। सड़क सुरक्षा केवल सरकार या अदालत का विषय नहीं, यह हर नागरिक के जीवन से जुड़ा मुद्दा है।