तेंदुए का शिकार कर खाल की तस्करी: MP एसटीएसएफ ने पकड़ा मास्टरमाइंड; दो की जमानत खारिज
उत्तर प्रदेश वन विभाग और एमपी एसटीएफ ने मिलकर तेंदुए की खाल की तस्करी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसमें अब तक नौ लोग गिर ...और पढ़ें

आगरा के सैंया क्षेत्र में तेंदुओं की खाल के साथ पकड़े गए तस्कर।
जागरण संवाददाता, आगरा। उत्तर प्रदेश वन विभाग, मध्य प्रदेश एसटीएसएफ (स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स) और केंद्र सरकार की वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) की संयुक्त टीम ने वन्यजीव तस्करी के एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई में तेंदुओं की खाल की तस्करी के मामले में अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
मुख्य आरोपित केशव को मथुरा वन विभाग के इनपुट के आधार पर मध्य प्रदेश एसटीएसएफ ने गुरुवार को पकड़ लिया। वहीं, हरियाणा के सतपाल नाथ और भगत सिंह की आगरा कोर्ट ने जमानत खारिज कर दी और दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस सिंडिकेट के कुल 11 सदस्य हैं, जिनमें से एक अभी फरार है।
23 जुलाई को सैंया क्षेत्र में आगरा-ग्वालियर हाईवे पर स्थित राजपूताना होटल में वन विभाग, पुलिस और वाइल्डलाइफ एसओएस की संयुक्त टीम ने छापा मारा। इस दौरान चार तस्करों, जिनमें मध्य प्रदेश के शिवपुर निवासी भोगीराम, मुरैना के गब्बर, हरियाणा के फरीदाबाद निवासी सतपाल नाथ और भगत सिंह शामिल थे, को 10 तेंदुओं की खालों और उनके कटे सिरों के साथ गिरफ्तार किया गया।
ये खालें शिवपुरी, कूनो नेशनल पार्क क्षेत्र और मुरैना-श्योपुर के जंगलों से लाई जा रही थीं, जिन्हें दिल्ली, हरियाणा और अन्य राज्यों में बेचने की योजना थी। पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ कि यह एक संगठित सिंडिकेट था, जिसने कूनो वाइल्डलाइफ डिवीजन में छह, श्योपुर में दो और मुरैना के चंबल अभयारण्य में दो तेंदुओं का शिकार किया था। कुल 10 तेंदुओं की खालें, हड्डियां और अन्य अंग बरामद हुए।
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एमपीएसटीएसएफ ने रिमांड के दौरान शिवपुरी-श्योपुर-मुरैना में छापेमारी की और पांच अन्य शिकारियों को गिरफ्तार किया, जिनमें लज्जाराम, गोपाल, महेश, प्रकाश और हुब्बा शामिल हैं। रिमांड के दौरान शिकारियों ने बताया कि वे तेंदुओं को नायलोन के जाल में फंसाते थे और फिर लाठियों से पीटकर मार डालते थे। खाल निकालने के बाद सिर, हड्डियां, नाखून, दांत और मूंछें अलग कर देते थे।
बाकी शव जंगल में खोदकर गाड़ देते थे। इन अंगों की सप्लाई हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान आदि में होती थी। गिरोह पिछले 1-2 साल से सक्रिय था। केशव को इस सिंडिकेट का मुख्य आरोपित है। केशव ही खालों की खरीद-बिक्री, शिकार टीम को फंडिंग और इंटरस्टेट सप्लाई चेन को गाइड करता था।
डीएफओ राजेश कुमार ने बताया मुख्य आरोपित केशव को मध्य प्रदेश टीम ने पकड़ा है। पूर्व में पकड़े गए हरियाणा के दो शिकारियों की जमानत कोर्ट ने खारिज की है।