Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाली मीरा ठाकुर, जींस टीशर्ट वाली बहू के नाम से थी गांव में थी पहचान; अब हर कोई हैरान

    By Ali Abbas Edited By: Prateek Gupta
    Updated: Tue, 24 Mar 2026 11:50 PM (IST)

    आगरा के कंचनपुर में मीरा ठाकुर, जो जींस-टीशर्ट पहनने और बाइक चलाने वाली बहू के रूप में जानी जाती थी, अब पाकिस्तानी जासूस के तौर पर सामने आई है। उसकी स ...और पढ़ें

    पाकिस्तान के लिए जासूसी करने में पकड़ी गई मीरा ठाकुर और मलपुरा में उसका घर।

    पाकिस्तान के लिए जासूसी करने में पकड़ी गई मीरा ठाकुर और मलपुरा में उसका घर।

    प्रवीन रावत, मलपुरा (आगरा)। पाकिस्तानी जासूस के रूप में सामने आई मीरा ठाकुर की पहचान कंचनपुर की महिलाओं में जींस-टीशर्ट वाली बहू के रूप में थी। वह बाइक चलाना भी जानती थी। जिसके चलते महिलाओ के बीच उसने अपनी अलग ही पहचान बना रखी थी।

    मीरा ठाकुर की सच्चाई उजागर होने के बाद कंचनपुर नई आबादी क्षेत्र में गांव में अब चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। परिवार 12 वर्ष पहले गांव से मकान बेचकर चला मथुरा चला गया था।

    पाकिस्तान की जासूस होने के के आरोप में पकड़ी गयी मीरा ठाकुर की ससुराल मूलरूप से धनौली के कंचनपुर नई आबादी में थी। गांव के लोग बताते हैं कि 13 वर्ष पहले हलवाई मुकेश प्रजापति अपनी मां अंगूरी देवी के साथ यहां आकर रहने लगे थे। पति मुकेश के अनुसार उनकी बुआ मथुरा में सौंख रोड पर पाली खेड़ा में रहती थीं।

    बुआ के यहां मीरा राठौर की बड़ी बहन और जीजा भजनलाल किराए पर रहते थे। बुआ के आने-जाने के दाैरान ही रिश्तेदारों ने उनका रिश्ता कराया था। लगभग 13 वर्ष पहले मुकेश की शादी मीरा से हुई। जिसमें कंचनपुर के मोहल्ले के लोग भी शामिल हुए थे।

    मीरा स्वभाव से मिलनसार थी। गांव के लोग बताते हैं कि उसका रहन-सहन गांव की महिलाओं से अलग था। वह छोटे बाल रखती और जींस-टीशर्ट पहनती। बाइक चलाना भी जानती थी। जिससे गांव की महिलाओं में उसकी अलग छवि बन गयी थी। हालांकि वह कंचनपुर में लगभग छह महीने ही रही। दो या तीन सप्ताह से अधिक यहां नहीं रुकी।

    खबरें और भी

    अक्सर मायके चली जाती थी। पति मुकेश बताते हैं कि कंचनपुर गांव का उनका मकान मां अंगूरी देवी के नाम था। पत्नी मीरा ठाकुर मथुरा में रहना चाहती थी। इसलिए उसने और सालों ने दबाव बनाकर मां अंगूरी देवी का मकान बिकवा दिया। वर्तमान में उक्त मकान में देबू और उनका परिवार रहता है।


    गांव के लोग बोले

     

    मुकेश की यह दूसरी शादी थी, लेकिन मीरा कभी लगातार लंबे समय तक यहां नहीं रही, इसलिए उसके व्यवहार के बारे में अधिक जानकारी नहीं है।
    बाबूलाल प्रजापति

    वह लगीाग 15 वर्ष पहले लालऊ गांव से कंचनपुर नई आबादी में रहने आए थे। मीरा और उसके परिवार के लोगों पति का मकान बिकवा दिया। मुकेश परिवार के साथ मथुरा चला गया
    बबीता प्रजापति

    वे करीब 20 वर्ष से यहां रह रही हैं। मीरा स्वभाव से मधुर थी। लेकिन उसके पाकिस्तान के लिए जासूसी में शामिल होने की बात सामने आने के बाद हैरान हूं।
    रामवती