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    NEET-JEE कैंडीडेट्स के लिए बड़ी खबर, बोर्ड एग्जाम के मार्क्स जुड़ने का मिलेगा बड़ा फायदा; डमी और कोचिंग पर लगाम की तैयारी

    By Sumit Kumar Dwivedi Edited By: Prateek Gupta
    Updated: Tue, 21 Jul 2026 11:58 PM (IST)

    शिक्षा मंत्रालय ने नीट-जेईई में 12वीं बोर्ड अंकों को 50% वेटेज देने का प्रस्ताव पीएमओ को भेजा है। इससे कोचिंग पर निर्भरता कम होगी और ग्रामीण छात्रों क ...और पढ़ें

    आगरा के एक सेंटर में JEE की तैयारी में जुटे बच्चे।

    आगरा के एक सेंटर में JEE की तैयारी में जुटे बच्चे।

    HighLights

    1. कोचिंग पर निर्भरता घटेगी, डमी कैंडिडेट का चलन रुकेगा।

    2. ग्रामीण छात्रों को मिलेगा बड़ा लाभ, स्कूल शिक्षा मजबूत होगी।

    सुमित द्विवेदी, आगरा। छात्रों की काेचिंग से निर्भरता कम करने और डमी कैंडिडेट का चलन खत्म करने की तैयारी शुरू हो चुकी है। शिक्षा मंत्रालय की उच्च स्तरीय समिति ने नीट और जेईई जैसी बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में कक्षा 12वीं के बोर्ड अंकों को 50 प्रतिशत वेटेज देने का प्रस्ताव प्रधानमंत्री कार्यालय को भेज दिया है।

    इसके बाद शहर में संचालित दो दर्जन से अधिक कोचिंग संस्थान और डमी एडमिशन लेने वाले स्कूलों पर शिकंजा कसेगा। शिक्षा मंत्रालय की समिति ने वर्ष 2025 में इस प्रारूप पर काम शुरू किया था। जुलाई 2026 में अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। अभी इस प्रस्ताव पर विचार चल रहा है। वर्तमान की स्थिति की बात करें तो अभी इंजीनियरिंग या चिकित्सा क्षेत्र में कोई बड़ा संस्थान चाहिए।

    नीट-जेईई की परीक्षा के अंकों के आधार पर मेरिट बनती है। नए प्रस्ताव के अनुसार अंतिम मेरिट में 50 प्रतिशत वेटेज बोर्ड परीक्षा के नंबरों को और 50 प्रतिशत एंट्रेंस परीक्षा के स्कोर को मिलेगा। ये नियम लागू होने के बाद जिले के सरकारी और ग्रामीण स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के आगे आने के लिए यह बहुत बड़ा अवसर होगा

    आजकल कई छात्र स्कूल की पढ़ाई छोड़कर महंगी कोचिंग में चले जाते हैं और बोर्ड में बस पासिंग मार्क्स ले लेते हैं। नए नियम से 9वीं से 12वीं तक स्कूल की नियमित कक्षाएं, असाइनमेंट और बोर्ड परीक्षा अहम हो जाएगी। जिले के सरकारी स्कूलों, शासकीय इंटर कालेजों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा।

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    ये बच्चे कोचिंग की महंगी फीस नहीं भर पाते थे, लेकिन अब स्कूल की अच्छी तैयारी से ही नीट-जेईई में सफल हो सकेंगे। इससे कोचिंग उद्योग की रणनीति बदलनी पड़ेगी। अब छात्र स्कूल शिक्षकों पर ज्यादा भरोसा करेंगे। शिक्षकों का कहना है कि इससे स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी, ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ाई मजबूत होगी और गरीब परिवार के बच्चे भी बिना भारी खर्च के डाॅक्टर-इंजीनियर बन सकेंगे


    इस नियम के लागू होने के बाद काेचिंग से छात्रों की निर्भरता कम होगी। ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को इसका सबसे अधिक फायदा मिलेगा।यह बदलाव कई रूप में लाभकारी होगा। 

    डाॅ. गगन वोहरा, शिक्षक, अनएकेडमी

    अभी तक नीट और जेईई के अंक के आधार पर मेरिट बनती है। इस नियम के लागू होने के बाद बोर्ड परीक्षा के अंक भी जुड़ेंगे जिससे स्कूलिंग मजबूत होगी

    डाॅ. ललितेश यादव, अकादमिक हेड, बलूनी क्लासेस

    यदि ऐसा होता है तो छात्र स्कूल स्तर से ही बेहतर प्रदर्शन के लिए अपने विषयों को सही तरीके से पढ़ेंगे। कोचिंग पर निर्भरता के साथ डमी कैंडिडेट भी कम आगे आएंगे।

    कशिश, नीट कैंडीडेट

    ऐसा बदलाव जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को इसका लाभ मिलेगा, अभी शहर के छात्र नीट-जेईई का लाभ अधिक ले पाते हैं। डमी कैंडिडेट का कल्चर खत्म हो जाएगा।

    कीर्ति सिंह, जेईई कैंडीडेट