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आगरा में चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश में रेलवे के JE के दोनों पैर कटे, 10 मिनट तड़पते रहे; मौत

Updated: Wed, 26 Aug 2026 08:56 AM (IST)

आगरा के जाजऊ रेलवे स्टेशन पर चलती झेलम एक्सप्रेस में चढ़ने के प्रयास में रेलवे के अवर अभियंता मनोज सैनी ...और पढ़ें

मनोज सैनी की फाइल फोटो।

मनोज सैनी की फाइल फोटो।

HighLights

  1. रेलवे जेई मनोज सैनी के दोनों पैर कटे

  2. चलती झेलम एक्सप्रेस में चढ़ते समय हुआ यह हादसा

  3. गंभीर चोटों के कारण अस्पताल में हुई उनकी मृत्यु

संवाद सूत्र, सैंया(आगरा)। जाजऊ रेलवे स्टेशन पर मंगलवार शाम को झेलम एक्सप्रेस में चढ़ने का प्रयास करते अवर अभियंता (जेई)मनोज सैनी का पैर फिसल गया। ट्रेन की चपेट में आकर दोनों के पैर कट गए, उन्हें गंभीर हालत में सैंया स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। वहां से रेफर करके एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। जहां शाम साढ़े सात बजे उनकी मृत्यु हो गई। चंदौसी के रहने वाले 32 वर्ष के मनोज सैनी रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग में तैनात थे।
घटना मंगलवार शाम को साढ़े पांच बजे की है। रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग में जेई मनोज कुमार सैनी आगरा-झांसी रेलवे लाइन का निरीक्षण करने गए थे।

ट्रेन आने की प्रतीक्षा कर रहे थे

सैंया में डाउन ट्रैक चेक करने के बाद वह जाजऊ रेलवे स्टेशन पहुंचे। वहां से कैंट आने के लिए ट्रेन की प्रतीक्षा कर रहे थे। इसी दौरान झैलम एक्सप्रेस स्टेशन पर आयी, ट्रेन का वहां स्टोपज नहीं था। बताते हैं कि झेलम एक्सप्रेस स्टेशन पर धीमी हुई, इसी दौरान मनोज सैनी ने उसमें चढ़ने का प्रयास किया। बताते हैं संतुलन बिगड़ने से उनका पैर फिसल गया। ट्रेन की चपेट में आकर दोनों पैर कट गए। वह बुरी तरह तड़पने लगे। वहां मौजूद कर्मचारियों ने 112 नंबर पर सूचना दी।

जेई को इमरजेंसी किया रेफर

पुलिस जेई मनोज सैनी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सैंया लेकर पहुंची। उनकी हालत गंभीर देख एसएन मेडिकल कालेज की इमरजेंसी रेफर कर दिया। हादसे की जानकारी होने पर रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी भी पहुंच गए। स्वजन और विभाग के लोग उन्हें निजी अस्पताल में ले जाने की तैयारी कर रहे थे। शाम साढ़े सात बजे मनोज सैनी की मृत्यु हो गई।

रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार गौतम के अनुसार हादसा झेलम एक्सप्रेस में चढ़ने के दौरान पैर फिसलने से हुआ।

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पैर कटने के बाद खुली आंखें और तड़पते रहे

हादसे के बाद करीब दस मिनट तक जेई मनोज सैनी हाेश में रहे, इस दौरान वह खुली आंखों से अपने आसपास जुटे लोगाें को देखते रहे। उन्हें तड़पता देख वहां जुटे लोग आश्वासन देते रहे। इस दौरान दर्द से तड़पते मनोज सैनी कभी अपने हाथ चेहरे पर रख लेते, कभी वह हाथों को सीने पर रख लेते थे।

वहां जुटे लोगों से उनका दर्द और तड़पना देखा नहीं जा रहा था। लोग बार-बार उन्हें हिम्मत बंधाते रहे थे। घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया में प्रसारित हो रहा है।

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