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जीवनसंगिनी ने निभाया सात फेरों का वचन: मां ने मना किया, पति ने रोका फिर भी सुहाग के लिए डोनर बनी पत्नी, ऐसे बचाई जान

Updated: Tue, 25 Aug 2026 02:16 PM (IST)

मीना ने अपने पति को गुर्दा दान कर वैवाहिक जीवन में साथ निभाने का संदेश दिया है, जिसमें उन्होंने कहा ...और पढ़ें

एसएन में गुर्दा प्रत्यारोपण के दो दिन बाद किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट में भर्ती पति महेंद्र से वाट्स एप काल पर बात करतीं वार्ड में भर्ती मीना

एसएन में गुर्दा प्रत्यारोपण के दो दिन बाद किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट में भर्ती पति महेंद्र से वाट्स एप काल पर बात करतीं वार्ड में भर्ती मीना

HighLights

  1. मीना ने पति महेंद्र को गुर्दा दान कर मिसाल पेश की

  2. एसएन मेडिकल कॉलेज में हुआ पहला सफल गुर्दा प्रत्यारोपण

  3. मीना ने वैवाहिक जीवन में साथ निभाने का संदेश दिया

जागरण संवाददाता, आगरा। जिंदगी गुड्डा-गुड़िया का खेल नहीं है, पति को खिलौना समझ कर ना बदलें। हालात हमेशा एक जैसे नहीं रहते हैं, सुख-दुख आते-जाते रहते हैं, अपने हमसफर का अंतिम सांस तक साथ दें। आए दिन पति की हत्या, पति पत्नी के बीच विवाद की घटनाएं सामने आने पर एसएन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के पहले गुर्दा प्रत्यारोपण के लिए पति को गुर्दा दान करने वाली पत्नी मीना ने महिलाओं के सामने उदाहरण पेश किया है। उन्हें सीख दी है कि वैवाहिक जीवन के हर संघर्ष में पति व पत्नी को एक दूसरे का साथ देना चाहिए।

एसएन में पहला गुर्दा प्रत्यारोपण संग दिखाई दी वैवाहिक जीवन की खुशहाल तस्वीर

एसएन की सुपरस्पेशियलिटी विंग में शनिवार को सिकंदराराऊ, हाथरस के रहने वाले 32 वर्ष के महेंद्र को उनकी पत्नी 30 वर्ष की मीना का गुर्दा प्रत्यारोपित किया गया है। मरीज किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट में भर्ती हैं और उनकी पत्नी को वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। रेवाड़ी एटा की रहने वाली मीना ने बताया कि 2015 में शादी हुई थी। वो (महेंद्र) गुडगांव में कंपनी में काम करते थे।

meenu agra

दो वर्ष पहले गुर्दा रोग का पता चला, जयपुर में इलाज कराया। इसके बाद एसएन में नेफ्रोलाजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अपूर्व जैन से इलाज शुरू कराया। उन्हें हर सप्ताह दो से तीन दिन डायलिसिस के लिए लेकर आती थी। घर का खर्चा चलाने के लिए परचून की दुकान खोल ली।

कौन देगा गुर्दा तो सभी ने कर दिया था मना

डॉक्टर ने गुर्दा प्रत्यारोपण कराने के लिए, पूछा कौन गुर्दा देगा। मेरे हां करने पर, मेरी मां ने भी गुर्दा देने से मना किया, उन्होंने भी कहा कि मेरी तबीयत खराब है गुर्दा दे दिया तो 10 वर्ष की बेटी और दो बेटों की परवरिश कैसे होगी लेकिन मैं जिद पर अड़ी रही। धीरे-धीरे हालात बदले, डॉक्टर ने भी काउंसलिंग की। समझाया कि दो गुर्दे होते हैं एक गुर्दे से भी काम चल जाता है। इसके बाद सब तैयार हो गए।

वीडियो कॉल से की बात, पूछा ठीक हो

किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट में भर्ती महेंद्र से मीना की वाट्सएप वीडियो कॉल पर बात कराई गई। दोनों भावुक हो गए, पूछा ठीक हो। मीना ने असाध्य रोग निधि से निश्शुल्क गुर्दा प्रत्यारोपण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ही एसएन के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता और डॉक्टर्स की टीम का आभार व्यक्त किया।

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