शी-मार्ट से महिलाएं होंगी सशक्त, उत्पादों की बिक्री को मिलेगा सीधा बाजार
केंद्रीय बजट में 'शी-मार्ट' की स्थापना का प्रस्ताव ग्रामीण महिलाओं को सशक्त करेगा। यह पहल उन्हें केवल ऋण-आधारित आजीविका से निकालकर उद्यमी बनाएगी। लखपत ...और पढ़ें

शी-मार्ट से महिलाओं को सीधा मिल सकेगा बाजार।

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जागरण संवाददाता, आगरा। केंद्रीय बजट में काम-काजी महिलाओं को सशक्त बनाए जाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। शी-मार्ट बनाए जाएंगे। इससे ग्रामीण महिलाओं में एक उम्मीद जागी है। इस प्रयास से ग्रामीण महिलाएं केवल ऋण आधारित आजीविका तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि अपने उद्यमों की मालकिन बनकर आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिखेंगी।
लखपति दीदी योजना में प्रदेश नंबर वन है। ये महिलाएं स्वयं सहायता समूह गठित कर अपना काम कर रही हैं। शी-मार्ट खुलने से इन्हें अपने उत्पादों की बिक्री करने काे मंच मिल सकेगा।
जिले में लगभग 300 लखपति दीदी हैं। और 13 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह हैं। इनसे जुड़ी महिलाएं विभिन्न कार्य कर रही हैं। लोन लेकर कोई डेरी चला रहीं तो कोई अचार, कपड़े का कारोबार या फिर अन्य कारोबार कर रहीं हैं, जिन्हें ताज महोत्सव से लेकर सरकारी आयोजनों में बिक्री किए जाने का अवसर दिया जाता है।
बजट में महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए सेल्फ हेल्प एंटरप्रेन्योर (शी-मार्ट्स) स्थापित करने के प्रस्ताव महिला सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके जरिए अब ग्रामीण महिलाएं केवल ऋण-आधारित आजीविका तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि अपने उत्पादन की मालकिन बनकर आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिखेंगी।
महिलाएं स्वयं सहायता समूह गठित करके अपना उद्योग कर रही हैं। इन्हें अपने उत्पादों को बेचने के लिए बाजार की खोज और माध्यम की तलाश शी-मार्ट से पूरी हो सकेगी। प्रदेश में कृषि और गैर-कृषि आजीविका की संभावनाओं के मुताबिक महिलाओं को समूहों से जोड़ा जा रहा है।
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राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत घर-घर संपर्क कर प्रशिक्षण, तत्काल पूंजी सहायता और मार्केट सपोर्ट उपलब्ध कराया जा रहा है। 'शी-मार्ट' के जरिए ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को सीधा बाजार मिलेगा और वे दूसरों को रोजगार देने वाली उद्यमी बन सकेंगी।