एसएन मेडिकल कॉलेज में अब अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं, मरीजों को बहुत किफायती दाम पर मिलेंगे प्राइवेट रूम
एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा में मरीजों के लिए 50 प्राइवेट रूम बनाए जाएंगे, जिनका शुल्क केजीएमयू लखनऊ की तर्ज पर 1500 रुपये प्रतिदिन होगा। कॉलेज में कैंसर, ...और पढ़ें

आगरा का एसएन मेडिकल कॉलेज।
जागरण संवाददाता, आगरा। एसएन मेडिकल कालेज एवं अस्पताल में कैंसर, गैस्ट्रोसर्जरी के बाद गुर्दा प्रत्यारोपण, हार्ट बाईपास सर्जरी की सुविधा शुरू होने के साथ ही मरीजों के लिए प्राइवेट रूम भी बनेंगे। प्राइवेट रूम में भर्ती होने पर मरीजों को केजीएमयू, लखनऊ की तर्ज पर 1500 रुपये प्रतिदिन चार्ज देना होगा।
एसएन और लेडी लायल जिला महिला चिकित्सालय की जमीन पर बन रहे इंटीग्रेटेड कैंपस के पहले चरण में प्राइवेट रूम बनाए जाएंगे, अगले वर्ष तक पहले चरण का काम पूरा हो जाएगा। एसएन मेडिकल कालेज में मरीजों के लिए प्राइवेट रूम नहीं हैं। सुपरस्पेशियलिटी विंग में कैंसर, गैस्ट्रोसर्जरी के बाद गुर्दा प्रत्यारोपण की सुविधा भी शुरू होने जा रही है।
सर्जरी के बाद मरीज वार्ड की जगह प्राइवेट रूम में भर्ती होना चाहते हैं। मगर, प्राइवेट रूम नहीं हैं। सुपरस्पेशियलिटी विंग में मरीजों से वार्ड में भर्ती होने पर प्रतिदिन 250 रुपये और आइसीयू के लिए प्रतिदिन एक हजार रुपये चार्ज लिया जा रहा है। स्त्री रोग विभाग में चार प्राइवेट रूम हैं।
एसएन मेडिकल कालेज और लेडी लायल की जमीन पर विकसित किए जा रहे इंटीग्रेटेड कैंपस में प्राइवेट रूम भी बनाए जाएंगे। प्राचार्य डा. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि इंटीग्रेटेड कैंपस के तहत 50 प्राइवेट रूम बनेंगे। हर विभाग में प्राइवेट रूम होंगे, इसके लिए केजीएमयू, लखनऊ की तर्ज पर मरीजों से चार्ज लिया जाएगा।
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सबसे पहले शुरू होगी क्रिटिकल केयर यूनिट
एसएन मेडिकल कालेज की लेडी लायल परिसर में केंद्र सरकार की फंडिंग से क्रिटिकल केयर यूनिट के छह मंजिला भवन का काम पूरा हो चुका है। 29 करोड़ से 100 बेड की क्षमता का भवन तैयार किया गया है। 13 करोड़ रुपये से उपकरण सहित अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। एक क्रिटिकल केयर ब्लाॅक में एनेस्थीसिया, पल्मोनरी मेडिसिन और रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग संचालित होंगे।
इसमें गंभीर मरीजों के साथ ही सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों का इलाज किया जाएगा। इमरजेंसी में 10 बेड, आइसीयू में 20 बेड के साथ ही वार्ड में एचडीयू बेड भी होंगे। इसके साथ ही आपरेशन थिएटर भी हैं। फेफड़ों का संक्रमण, अस्थमा, सीओपीडी, टीबी, निमोनिया सहित सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों का इलाज किया जाएगा।