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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बर्थडे स्पार्कल स्टिक में धमाके से घर में लग गई आग, लपटों ने फैलाई दहशत; परिवार के तीन सदस्य झुलसे

    Updated: Sun, 20 Apr 2025 07:41 AM (IST)

    Agra News आगरा के बल्केश्वर में बर्थडे स्पार्कल स्टिक बनाते समय एक घर में धमाके के साथ आग लग गई। इस घटना में तीन लोग झुलस गए जिन्हें अस्पताल में भर्ती ...और पढ़ें

    Agra News: धमाके के साथ आग लगने से उखड़ा कमरे का गेट। जागरण
    Agra News: धमाके के साथ आग लगने से उखड़ा कमरे का गेट। जागरण

    HighLights

    1. प्रथम तल पर फंसे थे परिवार के चार सदस्य
    2. पड़ोसियों ने सीढ़ी लगाकर सुरक्षित निकाले
    3. भूतल पर कमरे में बर्थडे स्पार्कल स्टिक के परीक्षण के दौरान लगी भीषण आग

    संवाद सूत्र, कमला नगर,(आगरा)। Agra News: बल्केश्वर के भगवान नगर में शनिवार शाम एक घर में बर्थडे स्पार्कल स्टिक (केक के ऊपर लगाने वाली स्टिक) बनाने को परीक्षण करते समय धमाके के साथ आग लग गई। कमरे में मौजूद दो युवक और एक युवती झुलस गए। प्रथम तल पर दो भाइयों का परिवार फंसा था।

    लपटें उठते देखकर आसपास के लोग आ गए। उन्होंने सीढ़ी लगाकर प्रथम तल पर फंसी दो महिलाओं और दो बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया। धमाका इतना जबर्दस्त हुआ था कि कमरे का दरवाजा उखड़कर दूर गिरा। आग से झुलसे दो युवकों और एक युवती को हॉस्पिटल में भर्ती कराया है।

    दो मंजिला है मकान

    बल्केश्वर के भगवान नगर के रहने वाले गौरव बंसल अपने दोस्त आशीष जैन के साथ मिलकर बर्थडे स्पार्कल स्टिक बनाने का काम करते हैं। दो मंजिला मकान के भूतल पर स्टिक बनाने का काम होता है। जबकि ऊपर गौरव और उनके भाई सौरभ का परिवार रहता है। शनिवार शाम छह बजे भूतल पर कमरे में गौरव, आशीष और महिला कर्मचारी मेघा स्टिक बनाने का काम कर रहे थे। तभी अचानक धमाके के साथ कमरे में भीषण आग लग गई।

    आगरा: बल्केश्वर में स्पार्कल स्टिक बनाते समय आग लगने से जला सामान। जागरण

    तेज धमाके से हिल गए सभी

    लपटें स्टिक में प्रयोग होने वाले बारूद तक पहुंच गईं। इससे धमाका हुआ। गौरव आशीष और मेघा कमरे में ही फंस गए। जबकि एक और महिला कर्मचारी चिया कमरे के बाहर थी। इसलिए वह बच गईं। गौरव, आशीष और मेघा आग की चपेट में आने से झुलस गए। तीनों को हॉस्पिटल भेज दिया। संकरी गली में बने मकान से लपटें उठते देखकर आसपास के लोग पहुंच गए। प्रथम तल पर गौरव की पत्नी नेहा, उनकी डेढ़ माह की बेटी, सौरभ की पत्नी मोहिनी और उनकी बेटी आराध्या मौजूद थे। वे पहली मंजिल पर ही फंस गए थे।

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    पड़ोसियों ने बचाया परिवार

    पड़ोसियों ने सीढ़ी लगाकर चारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सबमर्सिवल से पाइप डालकर पड़ोसियों ने फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ही आग को काबू में कर लिया। कमरे में रखे तीन गैस सिलिंडरों को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया। माना जा रहा है कि स्पार्कल स्टिक बनाने को परीक्षण करते समय आग लगी होगी। बारूद से तेज धमाका हुआ होगा।

    फायर ब्रिगेड को हुई मुश्किल

    संकरी गली में स्पार्कल स्टिक बनाने का कार्य चल रहा था। आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी वहां पहुंची, लेकिन गली में अंदर नहीं पहुंच पाई। ऐसे में दूसरी छोटी गाड़ी मंगाई गई। तब जाकर फायर ब्रिगेड की टीम कार्य शुरू कर सकी।

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    प्रथम तल पर पहुंच जाती आग तो होता बड़ा हादसा

    स्थानीय लोगों की सक्रियता से आग भूतल पर लगने के बाद ही काबू में कर ली गई। अगर आग पहले तल पर पहुंच जाती तो वहां फंसे परिवार को बाहर निकालने में मुश्किल होती और बड़ा हादसा हो सकता था।

    दहशत में आए आसपास के लोग

    हादसे से स्थानीय लोग दहशत में आ गए हैं। घटना के समय गौरव के पिता दिनेश बंसल किसी पड़ोसी के घर में थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि कमला नगर इलाके में बड़े पैमाने में घरों मे व्यवायिक कार्य हो रहे हैं। इसके खिलाफ अभियान चलना चाहिए। आबादी क्षेत्र में व्यवयायिक कार्य से किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।