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    भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट: पीयूष गोयल ने देखा ताजमहल, इतिहास-वास्तुकला व पच्चीकारी में दिखाई दिलचस्पी

    Updated: Sun, 26 Apr 2026 11:56 AM (IST)

    यह समझौता दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी बढ़ाएगा और भारतीय कपड़ा व फार्मा उद्योगों को न्यूजीलैंड में ड्यूटी-मुक्त बाजार तक पहुंच प्रदान करेगा, जिस ...और पढ़ें

    केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने देखा ताजमहल।

    केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने देखा ताजमहल।

    HighLights

    1. पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के मंत्री ने ताजमहल का दौरा किया।

    2. भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर जल्द होगा समझौता।

    3. भारतीय कपड़ा, फार्मा उद्योग को न्यूजीलैंड में मिलेगा लाभ।

    जागरण संवाददाता, आगरा। भारत और न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट करने जा रहे हैं। नई दिल्ली में सोमवार को दोनों देशों के मध्य समझौता होगा। इससे पूर्व भारत के वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टाड मैकक्ले रविवार सुबह ताजमहल देखने पहुंचे। दोनों करीब दो घंटे तक ताजमहल में रुके। होटल अमर विलास में आज निर्यातकों के साथ बैठक भी होगी।

    भारत और न्यूजीलैंड के मध्य होने जा रहे फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का उद्देश्य

    आर्थिक साझेदारी को बढ़ाना और व्यापार की बाधाओं को कम करना है। इससे भारतीय कपड़ा, और फार्मा उद्योग को न्यूजीलैंड में बिना ड्यूटी के बाजार में अपने उत्पादों को बेचने का मौका मिलेगा। अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 5 अरब डालर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। भारत ने किसानों की सुरक्षा के लिए दूध, पनीर, दही, शहद, चीनी और रबर जैसे डेरी और कृषि उत्पादों को रियायतों से बाहर रखा है।

    पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टाड मैकक्ले पहुंचे

    पीयूष गोयल ने शुक्रवार को ‘एक्‍स’ पर लिखा था कि इससे भारत और न्यूजीलैंड के आर्थिक रिश्तों में एक नया अध्याय शुरू हो रहा है। उन्होंने कहा कि 27 अप्रैल 2026 को होने वाले भारत-न्यूजीलैंड के मध्य फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन होने से पहले यह दौरा दोनों देशों के भरोसे, साझा मूल्यों और आर्थिक विकास के एक जैसे विजन को दिखाता है।

    पच्चीकारी व इतिहास में दिखाई दिलचस्पी

    पीयूष गोयल ने ताजमहल देखते समय उसके इतिहास, वास्तुकला व पच्चीकारी को जानने में दिलचस्पी दिखाई। उन्होंने पूछा कि उस समय किस तकनीक का इस्तेमाल ताजमहल के निर्माण में किया गया था। गाइड नितिन सिंह ने उन्हें पच्चीकारी के एक जिला एक उत्पाद योजना में शामिल होने की जानकारी दी। पीयूष गोयल ने कहा कि यह उनका ही इनिशिएटिव था।

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