एक इंजेक्शन और 10% तक वजन कम, खर्राटे की भी प्रॉब्लम दूर; एसएन की स्टडी में चौंकाने वाले रिजल्ट
एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा में हुए एक अध्ययन में मोटापे से ग्रस्त मरीजों को तिरजेपाइड इंजेक्शन देने से तीन महीने ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, आगरा। मोटापा से मधुमेह, खर्राटे, युवतियों में मासिक धर्म अनियमित होने के साथ ही फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ी है। एसएन मेडिकल कॉलेज में मोटापे के साथ इन बीमारियों से पीड़ित मरीजों पर स्टडी की गई, मरीजों को तीन महीने तक हर सप्ताह
तिरजेपाइड इंजेक्शन दिया गया। तीन महीने में 10 प्रतिशत तक वजन वजन कम हो गया। इसके साथ ही खर्राटे की समस्या और पाली सिस्टिक ओवरी डिसऑर्डर (पीसीओएस ) से मासिक धर्म अनियमित होने की समस्या भी ठीक हो गई। यह स्टडी इसी वर्ष जर्नल ऑफ मिड टर्म में प्रकाशित हुई है।
एसएन मेडिकल कॉलेज में 93 मरीजों पर की गई स्टडी के चौंकाने वाले नतीजे
मधुमेह रोगियों में शुगर का स्तर नियंत्रित रखने के लिए तिरजेपाइड इंजेक्शन का इस्तेमाल किया जाता है। यह इंजेक्शन सप्ताह में एक बार लेना होता है। मरीज को दवाएं और इंसुलिन लेने की जरूरत नहीं पड़ती है। इससे वजन भी कम होता है।
एसएन मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के डॉ. प्रभात अग्रवाल ने बताया कि मोटापे के कारण मधुमेह, खर्राटे, पीसीओएस, फैटी लिवर से पीड़ित 18 वर्ष से अधिक आयु के 93 मरीजों पर स्टडी की गई। इसमें मधुमेह रोगी 23 मरीज थे जबकि 70 मरीजों को मधुमेह नहीं था उन्हें खर्राटे सहित अन्य बीमारियां थी। इन्हें तीन महीने तक हर सप्ताह तिरजेपाइड इंजेक्शन दिया गया, पहले महीने 2.5 एमजी, दूसरी महीने 5 एमजी और तीसरे महीने 7.5 एमजी दिया गया।

डॉ. प्रभात अग्रवाल
तीन महीने तक एक इंजेक्शन हर सप्ताह देने से सात किलोग्राम तक वजन हुआ कम
डॉक्टर प्रभात अग्रवाल ने बताया कि तीन महीने में जिन मरीजों को मधुमेह की समस्या नहीं थी उनका सात किलोग्राम से अधिक वजन (10 प्रतिशत ) और जिनको मधुमेह की समस्या थी उनका वजन छह किलोग्राम तक कम हो गया। इससे खर्राटे और फैटी लिवर की समस्या में आराम मिल गया।
एसएन की स्त्री रोग विभाग की डॉ. रुचिका गर्ग ने बताया कि स्टडी में 10 प्रतिशत युवतियों को शामिल किया गया था, इन्हें पीसीओ के कारण वजन अधिक होने से मासिक धर्म अनियमित थे। वजन कम होने से मासिक धर्म की समस्या भी ठीक हो गई।
72 सप्ताह में 20 प्रतिशत तम वजन हो सकता है कम
डॉ. प्रभात अग्रवाल ने बताया कि इंजेक्शन 72 सप्ताह तक लिया जाए तो 20 प्रतिशत तक वजन कम हो सकता है। इसके साथ ही जीवनशैली में बदलाव, चिकनाई युक्त भोजन ना लेने और नियमित व्यायाम करने से इंजेक्शन बंद करने के बाद वजन बढ़ने से भी रोका जा सकता है।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।