अलीगढ़ में जेल जाते ही हर्षद गुट की बढ़ी मुश्किलें, राजनीतिक रंजिश में चलाई थीं गोलियां; एससी-एसटी कोर्ट में तलब
सराय हकीम फायरिंग मामले में जेल गए भाजयुमो मंत्री हर्षद हिंदू और उनके साथियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस अब उन पर दर्ज पुराने मुकदमों में भी कार्र ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। सराय हकीम में हुई फायरिंग के आरोप में जेल गए भाजयुमो के मंत्री हर्षद हिंदू गुट की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पुलिस ने पहले दर्ज मुकदमों में भी तलब करना शुरू कर दिया है।
मंगलवार को पुलिस ने मैरिस रोड पर भाजपा एससी मोर्चा के पूर्व पदाधिकारी राकेश सहाय पर हुए हमले के मामले में एससी-एसटी कोर्ट में पेश किया। सभी को इस केस में भी अलग से जमानत करानी होगी। हर्षद पर दस मामले दर्ज हैं।
भाजपा महानगर की गुटबाजी के चलते 19 जनवरी की देर रात भाजपा नेता राकेश सहाय व उनके साथी संजय शर्मा की मैरिस रोड पिटाई कर दी गई थी। आरोप था कि हमलावर पक्ष पिछले दो दिन से उन्हें बातचीत के लिए बुला रहा था।
घटना वाली रात जब वह साथी भाजपा महावीरगंज मंडल के पूर्व अध्यक्ष संजय शर्मा के साथ मैरिस रोड पर हबीब गार्डन के पास चाय की दुकान पहुंचे। वहां बातचीत के दौरान ही पिटाई की। नीला रंग फेंककर अभद्रता की।
राकेश सहाय ने हर्षद हिंदू, यश नंदन, योगी सिंह उर्फ योगेंद्र सिंह, काकू, शानू, अनुराग वार्ष्णेय, अर्जुन पहलवान के अलावा 20-25 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। सराय हकीम में हुई फायरिंग में हर्षद हिंदू, यश, योगी और काकू के जेल जाने पर पुलिस को मौका मिल गया।
पुलिस ने चारों को मंगलवार को एससी-एसटी कोर्ट में पेश किया। इसके बाद जेल भेज दिया। सीओ सिविल लाइन सर्वम सिंह के अनुसार राकेश सहाय की ओर से दर्ज कराए मुकदमे में चारों को कोर्ट ने तलब किया था