पाकिस्तानी जेल में बंद बादल की रिहाई की उम्मीद, फेसबुक पर हुए प्यार में कर गया था सीमा पार; विदेश और गृह मंत्रालय से प्रयास
अलीगढ़ के बादल बाबू, जो फेसबुक पर प्यार के चलते पाकिस्तान गए थे और लाहौर डिटेंशन सेंटर में बंद हैं, उनकी वतन वापसी के प्रयास तेज हो गए हैं। डीएम ने वि ...और पढ़ें

पाकिस्तान की जेल में बंद अलीगढ़ का बादल।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। पाकिस्तान के लाहौर डिटेंशन सेंटर में बंद बरला क्षेत्र के बादल बाबू की वतन वापसी के प्रयास तेज हो गए हैं। स्वजन की गुहार के बाद डीएम ने विदेश मंत्रालय व गृह मंत्रालय को पत्र भेजकर युवक की जल्द भारत वापसी के लिए आवश्यक कार्रवाई कराने का अनुरोध किया है। इससे पहले एडीएम सिटी किंशुक श्रीवास्तव भी विदेश मंत्रालय को पत्र भेज चुकी हैं।
इसके जवाब में पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग ने बताया है कि मामला उनके संज्ञान में है और भारत सरकार स्तर से प्रयास किए जा रहे हैं। बरला थाना क्षेत्र के गांव नगला खिटकारी का बादल बाबू करीब दो वर्ष से पाकिस्तान में हैं।
परिवार के लोगों के अनुसार दिल्ली की एक्सपोर्ट कंपनी में सिलाई का काम करने के दौरान वर्ष 2022 में उनकी फेसबुक के माध्यम से पाकिस्तान के बहाउद्दीन मंडी के गांव माउंग निवासी युवती सना से दोस्ती हुई थी। दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गए और बादल बिना वीजा-पासपोर्ट के पाकिस्तान पहुंच गया। 27 दिसंबर 2024 को पाकिस्तान पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
मुकदमे की सुनवाई के बाद 13 मई 2025 को वहां की अदालत ने उसे एक वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये (पाकिस्तानी मुद्रा के समकक्ष) जुर्माने की सजा सुनाई। स्वजन का कहना है कि सजा पूरी होने के बाद जुर्माना जमा न होने के कारण बादल को रिहा नहीं किया गया। वह लाहौर डिटेंशन सेंटर में बंद है। उसने पाकिस्तान में धर्म परिवर्तन कर अपना नाम आदिल भी रख लिया।
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बुधवार को बादल बाबू के पिता कृपाल सिंह व माता गायत्री देवी ने डीएम से मुलाकात कर बेटे की सुरक्षित वतन वापसी की गुहार लगाई। कहा कि बेटे की तबियत काफी खराब है। एडीएम सिटी ने बताया कि विदेश मंत्रालय के माध्यम से भारतीय उच्चायोग से संपर्क किया गया था। वहां से प्राप्त जवाब में स्पष्ट किया गया है कि सरकार युवक की सुरक्षित वापसी के लिए प्रयास कर रही है।