अलीगढ़ में अब एक दिन में पास होगा मकान-दुकान का नक्शा, 'फास्टपास' व्यवस्था लागू
अलीगढ़ विकास प्राधिकरण ने 'फास्टपास' व्यवस्था लागू की है, जिससे छोटे आवासीय और व्यावसायिक भवनों के नक्शे अब एक ही दिन में स्वीकृत हो रहे हैं। यह नई प् ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
छोटे भवनों के नक्शे अब एक दिन में स्वीकृत।
एडीए ने 'फास्टपास' व्यवस्था की लागू।
पारंपरिक जांच व निरीक्षण की अनिवार्यता समाप्त।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। मकान-दुकान बनाने से पहले नक्शा पास कराने की लंबी व जटिल प्रक्रिया अब काफी आसान हो गई है। शासन के निर्देश पर अलीगढ़ विकास प्राधिकरण (एडीए) ने शहर में फास्टपास व्यवस्था लागू कर दी है। नई व्यवस्था के तहत अब छोटे आवासीय व व्यावसायिक भवनों के नक्शे एक ही दिन में स्वीकृत हो रहे हैं। इससे लोगों को एडीए कार्यालय के चक्कर लगाने व लंबा इंतजार करने से राहत मिल रही है।
पहले चरण में यह सुविधा एडीए की योजनाओं व शहर की ले-आउट स्वीकृत कालोनियों में लागू की गई है। इसके तहत 500 वर्ग मीटर तक के आवासीय व 200 वर्ग मीटर तक के व्यावसायिक भवनों के नक्शे स्वीकृत किए जा रहे हैं।
सबसे खास बात यह है कि अब इन मामलों में अभियंताओं की पारंपरिक जांच व मौका निरीक्षण की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। आर्किटेक्ट द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप आवेदन करने पर सिस्टम के जरिए तत्काल स्वीकृति मिल रही है। शुल्क का निर्धारण भी आर्किटेक्ट के माध्यम से ही पूरा होता है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब प्रक्रिया काफी सरल हो गई है। भवन स्वामी आनलाइन अपने दस्तावेज अपलोड कर सकता है और आर्किटेक्ट के प्रमाणन के आधार पर मानचित्र तत्काल स्वीकृत हो रहा है। इससे पारदर्शिता बढ़ने के साथ-साथ समय की भी बचत हो रही है।
अब तक यह थी व्यवस्था
शहर में सुनियोजित विकास की जिम्मेदारी एडीए पर है। इसके लिए प्राधिकरण समय-समय पर महायोजना लागू करता है। वर्तमान में महायोजना-2031 के अनुसार निर्माण कार्यों की अनुमति दी जा रही है। अब तक भवन स्वामी को ओबीपास पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना पड़ता था।
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इसमें पहले आर्किटेक्ट द्वारा मानचित्र तैयार किया जाता था, फिर संबंधित क्षेत्र के अभियंता अभिलेखों की जांच व मौके का निरीक्षण करते थे। कई बार छोटी-छोटी आपत्तियों के कारण फाइलें हफ्तों तक लंबित रहती थीं।
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इस पूरी प्रक्रिया में भवन स्वामियों व आर्किटेक्ट को कई बार एडीए के चक्कर लगाने पड़ते थे। नक्शा स्वीकृति में देरी होने से निर्माण कार्य भी प्रभावित होते थे। कई लोग इसी वजह से बिना नक्शा पास कराए निर्माण शुरू कर देते थे। इसके बाद द में विवाद की स्थिति बनती थी।
दो अवैध कालोनियों पर चला एडीए का बुलडोजर
अवैध निर्माण के खिलाफ एडीए की कार्रवाई जारी है। बुधवार को जवां थाना क्षेत्र में अवैध कालोनियों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। दो कालोनियों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। सड़क के साथ ही इन कालोनियों के भूखंड की नींव को उखाड़ दिया गया है।
सचिव दीपाली भार्गव ने बताया कि एडीए की प्रतर्वन टीम ने पुलिस बल व मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में यह कार्रवाई की। इसमें रठगांव निवासी बिट्ट उर्फ उजेर के द्वारा विकसित कालोनियों को ध्वस्त किया गया। इसमें सबसे पहले साइट आफिस को तोड़ गया। इसके बाद सड़क को उखाड़ा गया।
भूखंड की नींव भी उखाड़ दी। दूसरे कार्रवाई इसी गांव में रजिया बेगम व उवैस की कालोनी को ताेड़ा गया। इसके द्वारा भी काफी बड़े क्षेत्रफल में अवैध कालोनी विकसित की गई थी। इस मौके पर अवर अभियंता मनोज कुमार शर्मा, श्यामवीर सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।
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यह व्यवस्था लोगों को त्वरित व सरल सेवा देने के उद्देश्य से लागू की गई है। भविष्य में इसके दायरे को और बढ़ाने की तैयारी भी की जा रही है। नई व्यवस्था से शहर में वैध निर्माण को बढ़ावा मिलने और अवैध निर्माण पर अंकुश लगेगा।
-प्रीती सागर, सहायक नगर नियोजक