अलीगढ़ में नाश्ता महंगा: ब्रेड-पिज्जा और बर्गर के रेट बढ़े, महंगाई की डोज से लोग परेशान
आटा, सूजी, मैदा और खाद्य तेल की लागत बढ़ने के साथ-साथ ईरान-इजरायल युद्ध के तनाव को इसका कारण बताया जा रहा है, जिससे आम लोगों का बजट प्रभावित हुआ है। ...और पढ़ें

बेकरी पर रखी ब्रेड: सौजन्य कारोबारी।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। दूध, दही, पनीर व मक्खन के बाद अब ब्रेड, बेकरी उत्पाद, वर्गर, पिज्जा सहित कई खाद्य वस्तुओं की एमआरपी बढ़ा दी है। ब्रांडेड कंपनियों ने आटा, सूजी, मैदा, खाद्य तेल, ट्रांसपोर्ट सहित कई प्रकार के खर्च के चलते यह निर्णय लिया है। नाश्ते की इन उपयोगी व्यंजनों पर 10 प्रतिशत कीमतें बढ़ी हैं।
ब्रेड की कीमतें 50 रुपये या उससे अधिक कीमत वाली के रेट बढ़े हैं। विभिन्न कंपनियों के डिस्ट्रीब्यूटर्स का कहना है कि ईरान-इजरायल युद्ध के बाद जो तनाव दिख रहा है, उसके चलते महंगाई चरम पर पहुंच रही है। यह अंतरराष्ट्रीय बाजार में जो उद्यमी डरे है, उसका असर दिखने लगा है।
ईरान के स्टेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी ने खलबली मचा रखी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी सोने की एक वर्ष तक खरीद न करने के बाद अनावश्यक खर्च न करने का भारतीयों को संदेश देकर डगमगाई अर्थ व्यवस्था की ओर इशारा किया है।
आटा, सूजी, मैदा, खाद्य तेल सहित अन्य माल पर हुई बढ़ोतरी
सुबह का नाश्ता हो, या कामकाजी लोगों का कॉरपोरेट ऑफिस में ब्रेक फास्ट हो। चाय के साथ मक्खन लगी ब्रेड, सेंड विच, बच्चे व युवा पीढ़ी का पसंदीदा व्यंजन पीजा, दोपहर का शुद्ध भोजन छोला कुलछा सब महंगा हो गया है। ब्रांडेड कंपनी की आटा व ब्राउन ब्रेड 50 रुपये से अधिक की कीमत वाली अब 55 रुपये में मिलेगी।
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प्रीमियम 700 ग्राम की ब्रेड 55 से 60 रुपये की मिलेगी। इसी तरह अन्य खाद्य वस्तुओं पर पैसा बढ़ा है। स्थानीय बेकरी उत्पाद पर पांच से 10 प्रतिशत तक भाव बढ़े हैं।
खाद्य वस्तुओं की कीमतें, वस्तु, 15 मई, अब
- ब्रेड आटा-ब्राउन (वजन 400 ग्राम), 50, 55
- प्रीमियम ब्रेड (वजन 700 ग्राम), 55, 60
- पीजा (एक पीस), 40, 45
- वर्गर (300 ग्राम), 45, 50
- कुलछा (पांच पीस का पैकेट,वजन 200 ग्राम),43, 45
- बेकरी विस्किट, 50, 55
- रस, 55, 60
- केक रस, 90, 95
- पाव भाजी (वजन 350 ग्राम, आठ पीस), 40, 45
- सोयाबीन (वजन लूज 20 किलोग्राम), 1450, 1950
नोट : अनुमानित कीमतें थोक बाजार की हैं।
चॉकलेट-ब्रांडेड टॉफी के नहीं बढ़ रेट
डेयरी मिल्क, कैडवरी सहित कई ब्रांडेड चॉकलेट व टॉफी पर रेट नहीं बढ़े़ हैं। बाजार में इन खाद्य उत्पादों की कीमते बढ़ाने को लेकर चर्चाएं कई दिनों से हो रही हैं।
डिस्ट्रीब्यूटर विश्वनाथ अग्रवाल ने बताया है कि पहले इन उत्पादों पर 18 प्रतिशत जीएसटी था, पिछले वर्ष जीएसटी काउंसिल ने कई वस्तुओं पर जीएसटी कम किया था। चॉकलेट व टॉफी पर पांच प्रतिशत जीएसटी रहा। कंपनियों ने एमआरपी बढ़ाने के स्थान पर वजन बढ़ा दिया। 10 ग्राम की चॉकलेट 11 ग्राम कर दी। इसके बाद रेट नहीं बढ़े।
ब्रेड, वर्गर, पिज्जा, कुलछे व अन्य खाद्य वस्तुओं पर 10 प्रतिशत तक कीमतें बढ़ गई हैं। इनमें आटा, सूजी, मैदा, खाद्य तेल सहित अन्य खर्च भी बढ़े हैं। 55 वाली ब्रेड 60 रुपये की हो गई है।
प्रवीन बंसल, डिस्ट्रीब्यूटर, बिक्टर फूड्स स्पेशलिस्ट, नोएडा
ब्रेड पर रेट बढ़ा दिए हैं। 50 रुपये से अधिक की ब्रेड पर पांच रुपये प्रति पैकेट व अन्य उत्पाद की एमआरपी बढ़ी है। इसका सीधा असर अति मध्यम वर्गीय ग्राहकों पर देखने को मिल रहा है।
सुशील अग्रवाल, कन्फेक्शनरी दुकान संचालक, मामूभांजा
अब तो सुबह का नाश्ता ही महंगा हो गया है। रस, ब्रेड व अन्य खाद्य वस्तुओं के महंगा होने से बजट गड़बड़ा गया है। दूध, दही, पनीर, मक्खन पहले ही महंगे हो गए है। रसोई चलाना मुश्किल हो रहा है।
साक्षी मिश्रा, ग्राहक, नौरंगाबाद