Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    अलीगढ़ की बारहसैनी सोसाइटी को झटका, डिप्टी रजिस्ट्रार फर्म्स सोसाइटीज एवं चिट्स फंड ने चुनाव किया निरस्त

    By Manoj Kumar Edited By: Prateek Gupta
    Updated: Mon, 01 Jun 2026 08:14 PM (IST)

    अलीगढ़ के बारहसैनी कॉलेज सोसाइटी के चुनाव को उपनिबंधक ने रद्द कर दिया है। यह फैसला वैध सदस्य सूची के बिना चुनाव कराने और अनियमितताओं की शिकायत के बाद ...और पढ़ें

    अलीगढ़ का श्री वार्ष्णेय कॉलेज।

    अलीगढ़ का श्री वार्ष्णेय कॉलेज।

    जागरण संवाददाता, अलीगढ़। बारहसैनी कालेज सोसायटी के चुनाव प्रकरण में उपनिबंधक फर्म्स, सोसायटीज एवं चिट्स, आगरा द्वारा जारी आदेश ने चुनाव प्रक्रिया की वैधता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

    शिकायतकर्ता राजेंद्र वार्ष्णेय 'चीफ़''की शिकायत पर उपनिबंधक (डिप्टी रजिस्ट्रार) द्वारा पारित आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि दिनांक 21 दिसंबर 2025 को संपन्न कराई गई। चुनाव प्रक्रिया सामान्य सभा की वैध एवं अंतिम सदस्य सूची निर्धारित किए बिना संपन्न कराई गई, जिसे विधिसम्मत नहीं माना जा सकता।

    उप निबंधक विपुल कुमार सिंह ने चुनाव को निरस्त कर दिया है। इस चुनाव में निर्वाचित हुए अध्यक्ष डा. उमा शंकर वार्ष्णेय ने कहा कि वे चुनाव के लिए तैयार हैं। वे एक बार फिर समाज के बीच जाएंगे। विरोधियों की साजिश का पर्दाफाश करेंगे।

    श्री वार्ष्णेय महाविद्यालय में हुए भ्रष्टाचार, जिनकी जांचें लंबित हैं, उन्हें समाज के बीच मय सबूतों के ले जाएंगे। राजेंद्र वार्ष्णेय के अनुसार सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि संस्था की पंजीकृत नियमावली के अनुसार केवल 30 जून 2025 तक बनाए गए सदस्यों को ही मतदान का अधिकार प्राप्त था।

    जबकि चुनाव में 15 नये सदस्यों एवं सदस्य सूची की शुद्धता को लेकर गंभीर आपत्तियां उठाई गई थीं। शिकायत में यह भी कहा गया था कि 4826 लगभग सदस्यों में से लगभग 890 सदस्यों को भेजी गई। सूचनाएं गलत पते अथवा अन्य कारणों से प्राप्त नहीं हो सकीं। सदस्य सूची में मृत एवं दोहरे नाम दर्ज होने संबंधी आपत्तियां भी प्रस्तुत की गई थीं।

    खबरें और भी

    उपनिबंधक विपुल कुमार सिंह ने अपने आदेश में माना है कि चुनाव अधिकारी को सामान्य सभा की अंतिम सदस्य सूची निर्धारित करने का कोई वैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं था तथा सदस्य सूची की शुद्धता और वैधता का परीक्षण पहले किया जाना आवश्यक था।

    आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी द्वारा भी सदस्य सूची की वैधता एवं शुद्धता के संबंध में आपत्तियाँ उठाकर जांच की अपेक्षा की गई थी।

    उक्त परिस्थितियों को देखते हुए उपनिबंधक ने दोनों पक्षों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने दावे वाली सामान्य सभा की सूची कार्यालय में प्रस्तुत करें, जिससे प्राप्त आपत्तियों का परीक्षण कर वैध सदस्यों की अंतिम सूची निर्धारित की जा सके। इसके उपरांत ही संस्था की प्रबंध समिति का चुनाव विधिसम्मत रूप से संपन्न कराया जा सकेगा।

    राजेंद्र वार्ष्णेय ने कहा कि आदेश से यह स्पष्ट हो गया है कि संस्था में पारदर्शी एवं वैधानिक चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए पहले वैध सदस्य सूची का निर्धारण आवश्यक है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि उपनिबंधक कार्यालय द्वारा निष्पक्ष परीक्षण के बाद संस्था में लोकतांत्रिक एवं नियमसम्मत चुनाव का मार्ग प्रशस्त होगा।

    चुनाव प्रक्रिया से पहले ही की गई शिकायत

    राजेंद्र वार्ष्णेय को इस चुनाव में गड़बड़ी को लेकर पहले ही आशंका थी। उन्होंने चार व आठ दिसंबर 2025 को चुनाव अधिकारी भुवनेंद्र कुमार गुप्ता को निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर अनियमितताओं का आरोप लगाया था।

    दिवंगत मतदाताओं के नाम, मतदाता सूची का निर्धारित 30 जून तक चस्पा एवं चार बी ना करनो आदि की शिकायतों को डिप्टी रजिस्ट्रार ने प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों पर अपनी मोहर लगा दी।

    श्री वार्ष्णेय महाविद्यालय प्रबंध समिति के चुनाव पहले भी सदस्यों की इसी लिस्ट से हुए हैं। हमें लगता है कि 22 दिसंबर 2025 को निर्वाचित हुए प्रबंध समिति अपना पक्ष डिप्टी रजिस्ट्रार के सामने मजबूत व साक्ष्यों के साथ नहीं रख सकी। इसके चलते डिप्टी रजिस्ट्रार ने इस चुनाव को विधिसंगत नहीं माना है।

    -

    - सीए गौरव वार्ष्णेय, पूर्व सचिव, बारहसैनी कालेज सोसायटी