ESI अलीगढ़ में हंगामा, हाजिरी रजिस्टर पर प्रश्न चिह्न देख भड़कीं महिला लिपिक; CMS से मारपीट
अलीगढ़ के ईएसआई अस्पताल में हाजिरी रजिस्टर पर प्रश्न चिह्न लगने से नाराज महिला लिपिक ने कथित तौर पर अपने रिश्तेदारों को बुलाकर सीएमएस से मारपीट की। मह ...और पढ़ें

अलीगढ़ में ईएसआई की महिला लिपिक पुलिस के सामने अपना पक्ष रखते हुए।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। कर्मचारी राज्य बीमा चिकित्सालय (ESI) में मंगलवार को सीएमएस द्वारा भूलवश महिला लिपिक को अनुपस्थित मानकर प्रश्न चिह्न लगाने का मामला तूल पकड़ गया।
आरोप है कि लिपिक ने रिश्तेदार व परिचितों को बुलाया लिया, जिन्होंने सीएमएस के साथ अभद्र व्यवहार कर मारपीट की। भूल स्वीकार करने के बाद भी लिपिक शांत नहीं हुई। वहीं, लिपिक का आरोप है सीएमएस अश्लील भाषा का प्रयोग कर उन्हें धमकाने की कोशिश करते हैं।
सूचना पर थाना सासनी गेट की पुलिस मौके पर पहुंच गई और घटना की जानकारी ली। घटना के बाद चिकित्सालय के कर्मचारी महिला लिपिक के पक्ष में आ गए। महिला लिपिक की ओर से तहरीर दी गई है।
राज्य कर्मचारी बीमा चिकित्सालय के सीएमएस हामिद अली खान मंगलवार की सुबह करीब नौ बजे अस्पताल पहुंच गए थे। सीएमएस का कहना है उस समय चार कमरों में ताले लगे हुए थे। उन्होंने कर्मचारी से रजिस्टर मंगाया और उपस्थिति की जानकारी की।
चार कर्मचारी कार्यालय में मौजूद नहीं थे। सीएमएस के अनुसार 9:15 बजे तक चार कर्मचारी जितेंद्र इगलासिया, ज्योति माला वर्मा, आयुष शर्मा आदि कार्यालय में उपस्थित नहीं थे।
सीएमएस ने चार कर्मचारियों के हाजिरी रजिस्टर में समय डालकर प्रश्न चिह्न लगाकर हस्ताक्षर कर दिए। बाद में पता चला कि रजिस्टर में एक स्थाई कर्मचारी के नाम के आगे भी प्रश्न चिह्न लग गया है, जिसके आने का समय 10 बजे नियत है।
आरोप है कि जानकारी होने पर महिला लिपिक कार्यालय पहुंची और हंगामा शुरू कर दिया। त्रुटि सुधार का आश्वासन देने के बाद भी वह शांत नहीं हुई और अपने पति, रिश्तेदार व अन्य परिचितों को चिकित्सालय में बुला लिया।
आरोप है कि उक्त लोगों ने बिना बात सुने ही उनसे अभद्र व्यवहार करते हुए कई थप्पड़ मारे और मारपीट की। घटना के बाद चिकित्सालय के अधिकांश कर्मचारी महिला लिपिक के पक्ष में आ गए। सूचना मिलने पर थाना सासनी गेट की पुलिस मौके पर पहुंच गई।
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एसआइ दीपक राना ने महिला लिपिक व सीएमएस से जानकारी की। दोपहर में लिपिक के परिचित थाना सासनी गेट पहुंच गए थे। कर्मचारियों व परिचितों ने महिला की ओर से सीएमएम के विरुद्ध तहरीर दी है। लिपिक ने मारपीट के आरोप को गलत बताया है।
मनमर्जी समय से आते हैं कर्मचारी
कर्मचारी मनमानी करते हुए समय पर चिकित्सालय नहीं आते हैंं। संविदा कर्मचारियों को सुबह नौ बजे व स्थाई कर्मियों को 10 बजे तक आना चाहिए। हाजिरी रजिस्ट्रर पर ज्योति वर्मा के काॅलम में भूलवश समय प्रश्न चिह्न लग गया।
त्रुटि सुधारने का आश्वासन देने के बाद भी परिचित व रिश्तेदारों को बुला लिया और मेरे साथ मारपीट की। महिला लिपिक के आरोप निराधार हैं।
डा. हामिद अली खान, सीएमएस कर्मचारी राज्य बीमा चिकित्सालय।