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    ग्रेटर अलीगढ़: 700 करोड़ से होगा डेवलप, बोर्ड बैठक में ले आउट पर लगेगी मुहर; सितंबर में होगी लांचिंग

    By Surjeet Singh Edited By: Prateek Gupta
    Updated: Sat, 01 Aug 2026 02:21 PM (IST)

    ग्रेटर अलीगढ़ आवासीय योजना का विस्तृत लेआउट तैयार है, जिस पर 6 अगस्त को एडीए बोर्ड की बैठक में मुहर लगेगी। 700 करोड़ की यह योजना सितंबर में लॉन्च होने ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर का प्रयोग किया गया है।

    सांकेतिक तस्वीर का प्रयोग किया गया है।

    जागरण संवाददाता, अलीगढ़। बहुप्रतीक्षित ग्रेटर अलीगढ़ आवासीय योजना अब निर्णायक दौर में पहुंच गई है। अलीगढ़ विकास प्राधिकरण (एडीए) ने योजना का विस्तृत लेआउट तैयार कर लिया है। अब इस पर छह अगस्त को होने वाली एडीए बोर्ड की बैठक में मुहर लगेगी। मंडलायुक्त संगीता सिंह की अध्यक्षता में कमिश्नरी सभागार में होने वाली बैठक में ग्रेटर अलीगढ़ का लेआउट सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव होगा।

    बोर्ड से स्वीकृति मिलते ही एडीए योजना के अंतिम चरण की तैयारियां शुरू कर देगा। अधिकारियों का दावा है कि सभी औपचारिकताएं समय से पूरी होने पर सितंबर में योजना लांच कर दी जाएगी।

    खैर रोड पर ट्रांसपोर्ट नगर के सामने सात गांवों की 323 हेक्टेयर भूमि पर विकसित की जा रही इस महत्वाकांक्षी योजना को आधुनिक शहर की तर्ज पर बसाया जाएगा। पहले चरण में 70 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित किया जाएगा। यहां दो हजार से अधिक छोटे-बड़े आवासीय व व्यावसायिक प्लाट तैयार किए जाएंगे। लेआउट में चौड़ी सड़कें, ग्रीन बेल्ट, पार्क, खेल सुविधाएं, जलापूर्ति, ड्रेनेज व आधुनिक आधारभूत ढांचे को प्रमुखता दी गई है

    योजना नई भवन उपविधि-2025 के अनुरूप तैयार की गई है। इसके तहत 45 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क बनाई जाएगी, जबकि विभिन्न सेक्टरों को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग 12 मीटर चौड़े होंगे। कालोनी के बीच सेंटर प्वाइंट विकसित किया जाएगा। इसके आसपास व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भूखंड आरक्षित रहेंगे। इसके अलावा पार्क, खेल मैदान व सार्वजनिक उपयोग की अन्य सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं।

    करीब 700 करोड़ रुपये की इस परियोजना के लिए प्रदेश सरकार 350 करोड़ रुपये उपलब्ध करा चुकी है, जबकि शेष राशि एडीए अपने संसाधनों से खर्च करेगा। सितंबर 2023 से किसानों की सहमति से भूमि खरीद का काम शुरू हुआ था

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    अब तक करीब 250 हेक्टेयर भूमि एडीए के कब्जे में आ चुकी है। इसमें लगभग 230 हेक्टेयर किसानों से खरीदी गई है, जबकि करीब 20 हेक्टेयर सरकारी भूमि का पुनर्ग्रहण किया गया है। किसानों को अब तक करीब 500 करोड़ का मुआवजा बंट चुका है।

    इन गांव में विकसित होगी योजना

    योजना के लिए रुस्तमपुर अखन, अहमदाबाद, जतनपुर चिकावटी, अटलपुर, मूसेपुर, जिरौली दोर व ल्हौसरा विसावन गांवों की भूमि अधिग्रहित की गई है। एडीए अधिकारियों का कहना है कि बोर्ड की स्वीकृति के बाद प्लाटों का अंतिम निर्धारण, विपणन व लांचिंग की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जाएगी। लंबे समय से शहरवासियों को जिस योजना का इंतजार था, उसके सितंबर में धरातल पर उतरने की संभावना काफी मजबूत हो गई है।