नेपाल में MRP लेबल वाले नियम से अलीगढ़ के कारोबारियों को भारी नुकसान, 100000000 रुपये के ऑर्डर फंसे
नेपाल सरकार ने आयातित माल पर नेपाली मुद्रा में एमआरपी लेबल अनिवार्य कर दिया है, जिससे अलीगढ़ के 150 भारतीय निर्यातकों के 10 करोड़ रुपये के ऑर्डर फंसे ...और पढ़ें

HighLights
नेपाल ने आयातित माल पर नेपाली मुद्रा में एमआरपी अनिवार्य किया।
अलीगढ़ के 150 निर्यातकों के 10 करोड़ रुपये के ऑर्डर फंसे।
भारतीय व्यापारी नियम का विरोध कर रहे, सरकार से हस्तक्षेप की मांग।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। नेपाल सरकार ने सभी आयातित तैयार माल पर सीमा शुल्क (भंसार) से पहले अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) का लेबल लगाना अनिवार्य कर दिया है। इस कड़ी शर्त के चलते अब भारतीय सीमा से सटी नेपाल चौकियों से बिना लेबल के माल पास नहीं होगा।
नेपाल सरकार अपनी मुद्रा (एक रुपये के सापेक्ष 1.60 पैसा) में पैक्ड माल पर खुदरा मूल्य, नोट फार सेल इंडिया सहित कई कड़ी शर्त लागू की हैं, जबकि यहां के ताला-हार्डवेयर, आर्टवेयर, पीतल मूर्ति, बिल्डिंग फिटिंग्स के आयरन के जंक्शन व फैन बाक्स सहित अन्य उत्पादों के निर्यातकों ने आर्डर रोक दिए हैं।
इससे 150 निर्यातकों के 10 करोड़ रुपये के माल की आपूर्ति नहीं हो रही है। 15 जुलाई तक भारतीय सीमा से सटी कस्टम चौकियों पर इस शर्त की छूट थी।
नेपाल सरकार के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह (बालेन शाह) अप्रैल 2026 में सभी आयातित और घरेलू सामानों पर अधिकतम एमआरपी का लेबल लगाना अनिवार्य किया था। उस समय सीमा शुल्क पर भारी विरोध और व्यापार ठप होने के कारण सरकार ने नियमों में ढील देते हुए सेल्फ-डिक्लेरेशन (स्वयं घोषणा) की अस्थायी सुविधा प्रदान की है।
इस नए नियम से वाणिज्य, आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सभी पैकेटबंद खाद्य पदार्थों और अन्य तैयार सामानों (विशेषकर भारत से आने वाले) पर नेपाली मुद्रा में एमआरपी ब्रांड नाम और समाप्ति तिथि छापना या स्टिकर लगाना अनिवार्य कर दिया है।
इस समय भैरहवा, बीरगंज और सोनौली जैसे प्रमुख सीमा नाकों पर नेपाल सरकार ने सख्ती कर दी है। अब आयातक कस्टम पर खुद ही एमआरपी घोषित कर सकते हैं और माल को नेपाल स्थित अपने गोदामों में ले जाकर लेबल लगा सकते हैं।
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वहीं, भारतीय व्यापारी इस कड़े नियम का विरोध कर रहे हैं। इंडो नेपाल एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ने इस समस्या के निदान के लिए सांसद सतीश गौतम से वित्तमंत्री व विदेश मंत्री के नाम ज्ञापन देने का निर्णय लिया है। ताकि इस समस्या के निदान के लिए सरकार कदम उठाए।
नेपाल के माल पर एमआरपी को लेकर सीमा पर पनपने वाले गतिरोध के चलते अधिकांश निर्यातकों ने माल बुकिंग बंद कर दी थी। नई व्यवस्था लागू कर दी है। हम नेपाली मुद्रा में माल पर एमआरपी नहीं लिख सकते। इसमें कई तरह की विधिक व कर संबंधी जटिलताएं होंगी। सांसद सतीश गौतम से मिलेंगे।
-प्रदीप चौधरी, महामंत्री, इंडो नेपाल एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन
हम तैयार माल पर अब तक बिलिंग करते थे। एमआरपी नहीं डालते थे। कीमतें नेपाल के कारोबारी तय करते थे। हम उन्हें भारतीय मुद्रा में बिल, उसका हमें भुगतान मिलता था। एमआरपी की शर्त के फेर में हमारा 10 लाख रुपये का बुक माल रोक दिया गया है। कारोबारी नीति स्पष्ट की जाए।
-पंकज वार्ष्णेय, निर्यातक, नेपाल
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