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    एएमयू में छात्रों का प्रदर्शन: ताला जड़कर शिक्षकों को बनाया बंधक, छात्राएं हुई बेहोश; आजादी के लगे नारे

    Updated: Tue, 21 Apr 2026 09:54 AM (GMT+05:30)

    अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के विधि विभाग में कम उपस्थिति पर परिणाम रोके जाने से आक्रोशित छात्रों ने हंगामा किया और विभाग के गेट बंद कर दिए। ...और पढ़ें

    HighLights

    1. कम उपस्थिति पर परिणाम रोके जाने से छात्रों में आक्रोश

    2. छात्रों ने विधि विभाग के गेट बंद कर किया प्रदर्शन

    3. विरोध के दौरान कुछ छात्राएं गर्मी से हुई बेहोश

    जागरण संवाददाता, अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के विधि विभाग में कम उपस्थिति पर परिणाम रोके जाने से आक्रोशित छात्रों ने जमकर हंगामा किया। गेट बंद कर किसी को बाहर नहीं निकलने दिया। इससे छात्राएं बेहोश होने लगीं। एक छात्रा ने अपने पुलिस कर्मी पिता को इसकी जानकारी दी तो सिविल लाइन पुलिस भी पहुंच गई।

    पुलिस के पहुंचने के बाद ही छात्राएं बाहर निकल सकीं। इसके बाद भी छात्रों का विरोध जारी रहा। प्राक्टोरियल टीम ने रात करीब आठ बजे शिक्षकों को बाहर निकाला। छात्रों ने लेकर रहेंगे आजादी के नारे भी लगाए। इसका वीडियो भी प्रसारित हो रहा है।

    कम उपस्थिति पर परिणाम रोकने के चलते हैं आक्रोशित

    एएमयू ने बीएएलएलबी के पांचवें सेमेस्टर का परिणाम शनिवार को जारी किया था। कम उपस्थिति होने पर 110 छात्र-छात्राओं में से 80 का परिणाम रोक दिया गया। शनिवार को छात्रों ने इसके विरोध में जमकर हंगामा भी किया। सोमवार को भी छात्रों ने विभाग परिसर में जमकर प्रदर्शन किया। उन्होंने करीब दोपहर 12 बजे विभाग के सभी गेट अंदर से बंद कर लिए। किसी को बाहर नहीं निकलने दिया। इससे छात्राएं गर्मी से परेशान हो गईं। कुछ बेहोश होने लगीं।

    छात्रों की शिकायत पर पुलिस भी पहुंची, तब खुलवाया गेट

    कुछ छात्रों ने दीवार से कूदकर भी निकलने का प्रयास किया। गेट बंद होने से शिक्षक भी नहीं निकल पाए। बाद में प्राक्टोरियल टीम ने सभी को बाहर निकलवाया। वहीं छात्रों ने आरोप लगाया कि विवि द्वारा उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। सात-आठ घंटे चले प्रदर्शन के बाद छात्र देर शाम वापस लौट गए। छात्र मंगलवार को अनिश्चितकालीन प्रदर्शन का योजना बना रहे हैं।

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    48 घंटे में विभाग किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा तो आंदोलन तेज किया जाएगा

    छात्रों ने बताया कि मंगलवार से वह अपने प्रदर्शन को नई रणनीति देंगे। विभाग द्वारा 48 घंटे का समय मांगा गया है। 48 घंटे में विभाग किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा तो आंदोलन तेज किया जाएगा। कहा, अधिकांश छात्र छात्राओं की उपस्थिति को शून्य प्रदर्शित किया गया है। यह संभव नहीं लग रहा।

    आपसी राजनीतिक भी

    एमएयू के विधि संकाय की अपनी पहचान है। यहां से ला किए गए छात्र हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश तक बने हैं। कई वरिष्ठ वकील आज भी विभिन्न अदालतों में सेवाएं दे रहे हैं। पिछले कुछ समय से संकाय की साख खराब हो रही है। इसके पीछे शिक्षकों की आपसी राजनीति को जिम्मेदार बताया रहा है। ऐसे तीन गुट बताए जा रहे हैं। सभी अपना वर्चस्व दिखाना चाहते हैं। इसका नुकसार छात्र उठा रहे हैं।

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    छात्रों ने सभी गेट बंद कर लिए थे इससे छात्राएं व शिक्षक नहीं निकल पाए। छात्राओं की शिकायत पर पुलिस भी पहुंच गई। इसके बाद उन्हें निकाला गया। रात आठ बजे शिक्षकों को निकाला गया। चेयरमैन, डीन ने शिक्षकों ने इसकी शिकायत की है। विवि द्वारा यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार 75 फीसदी उपस्थिति को अनिवार्य किया गया। शून्य उपस्थिति वाले छात्र भी परिणाम जारी करने की मांग कर रहे हैं।

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    प्रो. नवेद खान, प्राक्टर एएमयू।