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सेल्फ व स्मार्ट स्टडी से बनीं UP B. Ed की टॉपर, वंदना सिंह ने बताई सफलता की कहानी

Published: Wed, 17 Jun 2026 09:12 AM (IST)Updated: Wed, 17 Jun 2026 03:48 PM (IST)

अलीगढ़ की वंदना सिंह ने यूपी बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उनकी सफलता ...और पढ़ें

वंदना सिंह।

वंदना सिंह।

HighLights

  1. वंदना सिंह ने यूपी बीएड प्रवेश परीक्षा में टॉप किया।

  2. सेल्फ व स्मार्ट स्टडी को बताया अपनी सफलता का राज।

  3. नकारात्मकता और सोशल मीडिया से दूरी रखने की सलाह दी।

जागरण संवाददाता, अलीगढ़। यूपी बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा में जनपद की वंदना सिंह ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर गौरव बढ़ाया है। एटा चुंगी निवासी वंदना सिंह ने 359.32 अंक प्राप्त किए हैं। उनकी इस सफलता का आधार सेल्फ एवं स्मार्ट स्टडी और सकारात्मक सोच रही। तैयारी के दौरान आत्मविश्वास बनाए रखा।

यूपी बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा में एटा चुंगी निवासी वंदना सिंह को मिली अभूतपूर्व सफलता

वर्ष 2024-25 में डीएस कालेज से एमएससी (बाटनी) की पढ़ाई पूरी की। इस वर्ष पिता भीके सिंह (सेवानिवृत्त लेखपाल) के कहने पर बुझे मन से बीएड की परीक्षा में बैठीं, नतीजतन अच्छा स्कोर नहीं कर पाईं। नौकरी की तलाश की, जब नहीं मिली तो शिक्षक बनने के लिए बीएड करना का ही विकल्प बचा। अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई के बावजूद बीएड में हिंदी माध्यम को चुना, जो चुनौतीपूर्ण निर्णय था। वंदना ने हार नहीं मानी।

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वंदना सिंह

छह माह तक केवल इस प्रवेश परीक्षा की तैयारी की

छह माह तक केवल इस प्रवेश परीक्षा की तैयारी की। किसी भी विषय की विधिवत कोचिंग तो नहीं ली, लेकिन रीजनिंग कमजोर होने के चलते स्मार्ट स्टडी (आनलाइन) का सहारा लिया। दोपहर 12 बजे से छह बजे तक हिंदी, विज्ञान, जीएस व रीजनिंग विषयों को नियमित रूप से पढ़ा।

हिंदी में कमजोर होने के कारण 10वीं व 12वीं की भांति नोट्स बनाकर तैयारी की। अन्य विषयों के नोट्स बनाए। सभी विषयों में पाठ्यक्रम को समझने, नियमित अध्ययन और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों के विश्लेषण पर विशेष ध्यान दिया।

लंबे समय तक पढ़ाई करने से अधिक जरूरी सही दिशा में पढ़ाई करना

वंदना के अनुसार, सफलता के लिए लंबे समय तक पढ़ाई करने से अधिक जरूरी सही दिशा में पढ़ाई करना है। मेरी जल्दी सीखने की आदत ने सफलता में मदद की। परीक्षा से एक माह पूर्व का समय काफी मुश्किल था, मुझे बार-बार घबराहट होती। ऐसी स्थिति में परिवार ने उत्साह बढ़ाया। परीक्षा हाल में समय प्रबंधन बहुत जरूरी होता है, अभ्यर्थी इसका ध्यान रखें।

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इंटरनेट मीडिया से दूर रहे युवा

तैयारी के दौरान उन्होंने नकारात्मकता से दूरी बनाए रखी और आत्मविश्वास को कभी कमजोर नहीं होने दिया। अनुशासन के साथ मेहनत की। वह स्पष्ट कहती हैं कि यदि आप जीवन में सफलता प्राप्त करना चाहते हैं तो नकारात्मक बातें और लोगों से दूरी बनाएं रखें। इंटरनेट मीडिया से दूर रहें, केवल पढ़ाई के लिए यू ट्यूब तक सीमित रहें। मैंने आसपास के लोगों से भी दूरी बनाई और पूरा फोकस पढ़ाई पर रखा।

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प्रथम रैंक आने पर नहीं हुआ विश्वास

परिणाम घोषित होने के बाद प्रथम रैंक पर विश्वास ही नहीं हुआ। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा प्रदेश के टॉपर विद्यार्थियों के साथ आयोजित जूम संवाद में उन्हें भी शामिल होना था, लेकिन नेटवर्क समस्या के कारण कान्फ्रेंस से नहीं जुड़ सकीं। विज्ञान वर्ग की छात्रा होने के कारण वह बच्चों को विज्ञान विषय पढ़ाना चाहती हैं। घर में माता केला देवी हैं। बेटी की इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है।

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