अलीगढ़ समेत प्रदेश के छह जिलों में बनेंगे श्रमजीवी महिला छात्रावास, जमीन की तलाश शुरू; नौकरीपेशाओं के लिए बड़ा सहारा
अलीगढ़ सहित उत्तर प्रदेश के छह जिलों में 500 बेड क्षमता वाले अत्याधुनिक श्रमजीवी महिला छात्रावास बनाए जाएंगे। महिला कल्याण विभाग ने इसके लिए जिला प्रश ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। जिले में कामकाजी महिलाओं के लिए जल्द ही 500 बेड क्षमता वाला अत्याधुनिक श्रमजीवी महिला छात्रावास बनेगा। महिला कल्याण विभाग ने इसके लिए जिला प्रशासन से करीब 6664 वर्गमीटर भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। अगर जमीन उपलब्ध हो जाती है तो जल्द ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
शासन स्तर से अलीगढ़ समेत प्रदेश के छह जिलों का चयन इस योजना में किया है। इसमें अयोध्या, बरेली, मिर्जापुर, सहारनपुर व मुरादाबाद शामिल हैं। इस छात्रावास में महिलाओं को सुरक्षित आवास मुहैया कराया जाएगा।
महिला कल्याण विभाग की निदेशक सी इंदुमती की ओर से डीएम अविनाश कुमार को एक पत्र भेजा गया है। इसमें बताया गया है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना के तहत प्रदेश के छह जिलों में 500-500 बेड क्षमता वाले उच्च गुणवत्ता के छात्रावास बनाए जाने प्रस्तावित हैं। इसके लिए शासन ने 80 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार अलीगढ़ में बड़ी संख्या में महिलाएं निजी, सरकारी व औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत हैं। रोजगार व शिक्षा के लिए बाहर से आने वाली महिलाओं को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई है। छात्रावास में महिलाओं को आधुनिक सुविधाओं के साथ सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।
पत्र में जिला प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि नगर क्षेत्र या उसके निकट उपयुक्त स्थान पर लगभग 6664 वर्गमीटर भूमि चिह्नित कर महिला कल्याण विभाग को निशुल्क हस्तांतरित की जाए। इससे निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू की जा सके।
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विभाग का कहना है कि छात्रावास का संचालन सामाजिक उद्देश्य के तहत किया जाएगा और यह पूरी तरह ऑन-कमर्शियल या नो-प्रॉफिट, नो-लॉस मॉडल पर आधारित होगा। महिला कल्याण विभाग का मानना है कि अलीगढ़ में औद्योगिक गतिविधियों व सेवा क्षेत्र के विस्तार के साथ कामकाजी महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सुरक्षित व व्यवस्थित आवास की मांग भी बढ़ी है।
छात्रावास बनने से नौकरीपेशा महिलाओं, प्रशिक्षुओं, छात्राओं व अन्य कार्यरत महिलाओं को बड़ी राहत मिलेगी। इस पत्र के बाद जिला प्रशासन अब भूमि के चिह्नाकन में जुट गया है। शहर के निकट भूमि की तलाश की जा रही है।