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    5 साल से 24 घंटे पहरा और हर महीने 3 लाख का खर्च... आखिर किसकी सुरक्षा में लगी है पुलिस? सच जानकर हो जाएंगे हैरान

    Updated: Fri, 01 May 2026 06:40 AM (GMT+05:30)

    अंबेडकरनगर के आलापुर में तीन पुलिसकर्मी पांच साल से आठ प्राचीन चांदी के सिक्कों की 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं, जबकि उप कोषागार बंद हो चुका है। ...और पढ़ें

    आलापुर में उप कोषागार पर तैनात पुलिसकर्मी

    आलापुर में उप कोषागार पर तैनात पुलिसकर्मी

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    अजय सिंह, जागरण, अंबेडकरनगर। प्राचीन चांदी के आठ सिक्कों की निगरानी तीन पुलिसकर्मी पांच साल से 24 घंटे कर रहे हैं। सुनने में यह अजीब जरूर लगे, लेकिन यह सच है। तहसीलों से उप कोषागार भले की खत्म हो गए हैं, लेकिन इन सिक्कों के लिए आलापुर तहसील के उप कोषागार के जर्जर भवन में तीन पुलिसकर्मी तैनात हैं। इस तरह इन सिक्कों की सुरक्षा पर करीब तीन लाख रुपये प्रतिमाह खर्च हो रहे हैं।

    आलापुर तहसील में राजेसुल्तानपुर के चांडीपुर कला गांव में राजा मोरध्वज का किला है। इसके बगल काश्तकार के खेत से करीब आठ वर्ष पूर्व मिट्टी निकाली जा रही थी। जानकार बताते हैं कि खोदाई के दौरान आठ सिक्के मिले थे, जो शायद चांदी के हैं।

    इन्हें पुरातत्व विभाग के निर्देश पर पुलिस ने जब्त कर उप कोषागार में जमा करा दिया था। करीब पांच साल पहले प्रदेश सरकार ने उप कोषागारों को खत्म कर दिया था। सारे कर्मचारी और कागजात जिला मुख्यालय स्थित कोषागार में स्थानांतरित हो गए।

    इसके बावजूद पुलिस लाइंस से राकेश वर्मा, विशाल पाल व रामानंद यादव की ड्यूटी लगी है। ये दिन-रात सुरक्षा में तैनात हैं। यह भी पता चला है कि जब उप कोषागार संचालित था, तब चार पुलिस कर्मियों की तैनाती थी, लेकिन अब तीन ही तैनात हैं।

    हालांकि, वरिष्ठ कोषाधिकारी बृजलाल का कहना है कि सिक्कों व कीमती सामान को कुछ दिनों पहले मंगवाकर जिला मुख्यालय के कोषागार में रखवा दिया गया है। उप कोषागार से सुरक्षा हटाने के लिए निदेशालय को पत्र भेजकर मार्गदर्शन मांगा गया है।

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    इन सिक्कों को पुरातत्व विभाग के अयोध्या स्थित कार्यालय में जमा करने के लिए भेजा गया था। हालांकि, सिक्के सील करने वाले दारोगा के उपस्थित नहीं होने पर वापस कर दिया गया। बताया गया कि उक्त दरोगा स्थानांतरित हो गए हैं।

    ऐसे में अब उन्हें बुलकर इसे उनके हाथों जमा करने भेजा जाएगा। वहीं, आलापुर तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव कहते हैं कि सिंगल लाक तिजोरी में क्या रखा गया है, इसकी जानकारी नहीं है।

    हालांकि, कुछ सामान है, जिसे शिफ्ट करने संग पुलिस कर्मियों की वापसी के निर्देश गत फरवरी में निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने दिए थे। इस संबंध में पत्राचार किया जा रहा है।

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