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    हाथ नहीं पर 'हुनर' बेमिसाल: पैरों से लिखकर 12वीं में हासिल की फर्स्ट डिवीजन, दिल जीत लेगी शिवानी की कहानी

    Updated: Mon, 27 Apr 2026 05:30 AM (IST)

    शिवानी, जिनके दोनों हाथ नहीं हैं, ने अपने पैरों की उंगलियों से लिखकर इंटरमीडिएट की परीक्षा प्रथम श्रेणी में 60% अंकों के साथ उत्तीर्ण की है। ...और पढ़ें

    पैर से लिखती दिव्यांग शिवानी और उनको मिठाई खिलाते समाजसेवी  निहाल रजा

    पैर से लिखती दिव्यांग शिवानी और उनको मिठाई खिलाते समाजसेवी  निहाल रजा

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    शाहिद सिद्दीकी, जागरण, अयोध्या। मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। ये पंक्तियां इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली शिवानी पर सटीक बैठती है।

    दिव्यांग होते हुए भी शिवानी ने वह कर दिखाया, जो सामान्य रूप से असंभव दिखता है।। शिवानी के दोनों हाथ नहीं हैं। उसने परीक्षा में अपने पैरों की अंगुलियों का प्रयोग करते कापियों पर प्रश्नों का उत्तर लिखा और प्रथम श्रेणी में परीक्षा उत्तीर्ण की। उसे 60 प्रतिशत अंक मिले।

    नगर के नयागंज निवासी धर्मराज की पुत्री शिवानी के दोनों हाथ नहीं हैं। पर उसमें जज्बा है। वह राजकीय बालिका इंटर कॉलेज रुदौली में इंटर की छात्रा है। शिवानी के पिता धर्मराज ट्रैक्टर चालक हैं। मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं।

    उन्होंने बताया कि ट्यूबवेल की चपेट में आने से शिवानी के दोनों हाथ कट गये थे। परिवार टूट गया था। इसके बाद भी शिवानी ने हिम्मत नहीं हारी। जुनून से पढ़ाई करती रही। हाथ न होने के कारण पैरों से धीरे-धीरे लिखने का अभ्यास करती रही।

    लिखने की गति भी बनी। हाईस्कूल में इसी तरह प्रश्नों के उत्तर लिखकर शिवानी ने कामयाबी हासिल की। शिवानी पर कभी निराशा हावी नहीं हुई। वह निरंतर सफल होती गई। शिवानी की उपलब्धि की चर्चा क्षेत्र में है।

    समाजसेवी डॉ. नेहाल रजा ने उसे सम्मानित किया। मिठाई खिला कर बधाई दी। शिवानी सफलता का श्रेय प्रधानाचार्य आफरीन फातिमा, स्कूल की शिक्षिकाओं और अपने माता- पिता को देती हैं। 2024 में हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। उसने बताया कि वह बीए करना चाहती है।

    समाजसेवी ने लिया शिवानी को पढ़ाने का संकल्प

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    समाजसेवी डॉ. नेहाल रजा ने शिवानी को गोद ले लिया है। उसकी पढ़ाई लिखाई का खर्च वह वहन करेंगे। दरअसल शिवानी ने विगत चुनाव के स्वीप कार्यक्रम में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया था। डॉ. नेहाल रजा ने कहाकि वह जितनी भी पढ़ाई करना चाहेगी वह कराएंगे। उसका हौसला टूटने नहीं देंगे।

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