Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    अंबेडकरनगर में रंगदारी का बड़ा मामला- बस्ती, हरियाणा और महाराष्ट्र के 8 आरोपी नामजद

    Updated: Wed, 29 Jul 2026 04:09 PM (IST)

    पुलिस ने अंबेडकरनगर में न्यायालय के आदेश पर छह नामजद सहित आठ लोगों के खिलाफ रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज किया है। ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    HighLights

    1. न्यायालय के आदेश पर रंगदारी का मुकदमा दर्ज।

    2. बस्ती, हरियाणा, महाराष्ट्र के आठ आरोपी शामिल।

    3. भूमि विवाद में जान से मारने की धमकी।

    जागरण संवाददाता, अंबेडकरनगर। पुलिस ने छह नामजद समेत आठ आरोपितों के खिलाफ रंगदारी मांगने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर की है। आरोपित बस्ती, हरियाणा व महाराष्ट्र के हैं।

    मालीपुर के सैरपुर उमरन के सुरेंद्रनाथ पांडेय का अयोध्या में भूमि का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। भूमि का विक्रय अनुबंध हुआ था। गत 31 मई की सायं अकबरपुर के टांडा मार्ग स्थित देवांश पेट्रोल पंप पर पीड़ित की भाभी, बच्चे एवं अन्य पारिवारिक सदस्य थे। इसी समय बस्ती के रवींद्र मोहन पांडेय के साथ दो अज्ञात व्यक्ति पहुंचे।

    वहीं, फोन पर एक व्यक्ति ने स्वयं को हरियाणा के गुरुग्राम पानीपत का बलदेव मोंगा व दूसरे ने मुकुल माेंगा बताया। कहा कि कान्फ्रेंस काल पर गुरुग्राम पानीपत के बृजमोहन पांडेय एवं महाराष्ट्र गांधीनगर कोल्हापुर के आलोक पांडेय भी मौजूद हैं। आरोप है कि फोन पर डराने धमकाने के अंदाज में बातचीत की।

    बलदेव मोंगा व मुकुल मोगा ने स्वयं को हरियाणा का बड़ा डान बताते हुए कहा कि उसकी राजनीतिक एवं आपराधिक स्तर पर बहुत ऊंची पहुंच है। किसी भी व्यक्ति का अपहरण कराया जा सकता है। उठवाने की धमकी दी। कान्फ्रेंस काल पर बृजमोहन पांडेय एवं आलोक पांडेय ने भी जान से मारने तथा अपहरण कराने की धमकी दी।

    सभी ने दबाव बनाया कि 50 लाख में अपनी भूमि बैनामा कर दे। इसी दौरान रवींद्र मोहन पांडेय ने एक कथित नोटरी दस्तावेज दिखाया।

    आरोप है कि रवींद्र मोहन पांडेय, बृजमोहन पांडेय एवं आलोक पांडेय ने भूमि की बिक्री की दलाली के नाम पर तीन करोड़ की रंगदारी की मांग किया। विरोध पर परिणाम भुगतने की धमकी दी। रवींद्र मोहन पांडेय ने स्वयं को पुलिस विभाग में दारोगा बताया।

    खबरें और भी

    पीड़ित ने कोतवाल अकबरपुर और पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र दिया। कार्रवाई न होने पर न्यायालय का सहारा लिया। न्यायालय ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। कोतवाल संतोष कुमार सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है।