अंबेडकरनगर में अग्निशमन विभाग की NOC के बिना चल रहे आठ सीएचसी, अब वेरिफिकेशन की तैयारी
अंबेडकरनगर में आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बिना अग्निशमन विभाग के अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) के संचालित हो रहे हैं। लखनऊ की घटना के बाद अब ...और पढ़ें

अग्निशमन विभाग की NOC के बिना चल रहे आठ सीएचसी।
HighLights
अंबेडकरनगर में आठ सीएचसी बिना फायर एनओसी के चल रहे।
लखनऊ अग्निकांड के बाद विभाग की नींद टूटी, कार्रवाई शुरू।
सीएमओ द्वारा अग्निशमन संयंत्र लगाने की तैयारी, बजट आकलन जारी।
संवाद सूत्र, अंबेडकरनगर। आए दिन हॉस्पिटल, कोचिंग सेंटर, स्कूल व ऊंची इमारतों में आग लगने से जन एवं धन की हानि हो रही है। इसके बाद भी सरकारी विभाग ही शिथिल पड़े हैं।
जिले में संचालित 10 सीएचसी में आठ बिना अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) के संचालित हो रहे हैं। जिला अस्पताल का भी यही हाल है। ऐसा तब है जबकि यहां पर प्रसूताएं और मरीज भी भर्ती किए जाते हैं।
जहांगीरगंज व कटेहरी सीएचसी को छोड़कर सभी पर कामचलाऊ फायर फाइटिंग सिस्टम लगाया गया है। शासन के निर्देश पर अब अग्निशमन विभाग सत्यापन कर एनओसी प्रक्रिया पूर्ण किए जाने की तैयारी में है। इससे पहले अग्निशमन का निर्धारित संयंत्र लगाया जाएगा।
जनपद में संचालित सरकारी हॉस्पिटलों में जिला सृजन के 30 वर्ष बाद भी अग्नि से बचाव की सुदृढ़ व्यवस्था नहीं है। इससे उनको अनापत्ति प्रमाण पत्र भी नहीं मिला। इससे सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि अभी भी ऐसे हास्पिटलों में आग से बचाव के पुख्ता प्रबंध नहीं हैं।
बीते दिनों लखनऊ स्थित एक बहुमंजिला कोचिंग सेंटर में आग लगने से 15 लोग की मौत ने विभागीय निद्रा तोड़ दी है। जिम्मेदारों को अब अग्नि सुरक्षा की सुध आई।
सीएमओ अब आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (अकबरपुर, बेवाना, टांडा, बसखारी, भियांव, जलालपुर, भीटी तथा रामनगर) में नियमानुसार अग्निशमन संयंत्र लगाने की तैयारियों में जुट गए हैं। इससे उक्त केंद्रों को एनओसी भी मिल सकेगी।
बीते दिनों अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने उक्त केंद्रों का निरीक्षण कर वहां माकड्रिल भी किया था। अब विभागीय अवर अभियंता आकलन कर बजट का निर्धारण करेंगे। इसी आधार पर बजट की मांग शासन से की जाएगी। हालांकि, सीएमओ ने शासन को सत्यापन कराने के लिए पत्र प्रेषित किया है।
बीते सप्ताह सभी सीएचसी पर आग से बचाव का मॉकड्रिल कराया गया। संयंत्र लगाने के लिए विभागीय अवर अभियंता व अग्निशमन विभाग के इंजीनियर सभी केंद्रों का सत्यापन कर बजट का एस्टीमेट बनाएंगे। इसके बाद शासन से बजट की मांग की जाएगी। सत्यापन के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। -डॉ. प्रमोद कुमार, सीएमओ।