अंबेडकरनगर में चार बच्चों का एक साथ निकला जनाजा, फफक पड़े कसड़ा के लोग
अंबेडकरनगर के कसड़ा गांव में एक हृदय विदारक घटना में चार मासूम बच्चों सादिया, सफीक, सऊद और उमर का एक साथ जनाजा निकला, जिससे पूरा गांव शोक में डूब गया। ...और पढ़ें

HighLights
कसड़ा गांव में चार मासूमों का एक साथ जनाजा निकला।
बच्चों की सिर कूचकर निर्मम हत्या कर दी गई थी।
पूरा गांव इस हृदय विदारक घटना से गमगीन है।
शिवकुमार तिवारी, भीटी। एक घर से एक साथ चार-चार मासूमों का जनाजा निकला तो कसड़ा गांव फफक पड़ा। इस हृदय विदारक घटना से गांव का माहौल गमगीन हो गया। पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।
आठ साल की सादिया, 14 साल के सफीक व उसके छोटे भाइयों सऊद व उमर घर पर एक साथ खेलते व स्कूल जाते थे। अपनी मां गासिया के साथ अपने पैतृक गांव कसड़ा, ननिहाल भीटी के सम्मनपुर छितौनिया व अन्य रिश्तेदारियों में आते-जाते थे।
शनिवार को जिला मुख्यालय के मुरादाबाद मोहल्ले में उनके घर में ही उक्त चारों बच्चों की सिर कूचकर हत्या कर दी गयी थी। महरुआ के नरसिंहदासपुर के मजरे कसड़ा में शनिवार को एक साथ चार मासूमों के कत्ल की खबर पहुंची तो गांव में मातम पसर गया। रविवार को कफन में लिपटे चार बच्चों के शव वाहन से पहुंचे तो पूरा गांव शोक में डूब गया।
आंसू नहीं रोक पाए लोग
बच्चों के घर पर चीत्कार मच गई। हर घर, आंगन में सन्नाटा और गलियों में चीख-पुकार की ही गूंज थी। गांव के बच्चे भी खेलने के बजाय गमगीन रहे। परिवार को सांत्वना देने पहुंचे लोग अपने आंसू नही रोक पाया। शव घर पहुंचा तो स्वजन संग ग्रामीण, रिश्तेदार, बड़े, बूढ़े, बच्चों के विलाप ने गांव के जर्रे-जर्रे को गमगीन कर दिया।
बच्चों के बड़े पिता मुबारक अली, मोहम्मद सलीम व उनकी पत्नी सकीना बानो, उनके बड़े पापा सलीम की पत्नी कुतुबुल निशा समेत रिश्तेदार की महिलाएं एक दूसरे से लिपटकर रो रही थीं। घर के बगल मस्जिद में प्रतिदिन नमाज लाउडस्पीकर की आवाज में होती थी, लेकिन रविवार को नमाज भी बगैर लाउडस्पीकर के गमगीन माहौल में अदा हुई। गांव के छप्पर, दालान, बाग, खलिहान, नुक्कड़ में घटना के बावत लोग मंथन व कयास लगा रहे थे।
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हर कोई घटना के कारण जानने को उत्सुक था। निर्दोष बच्चों की हत्या किसने और क्यों की ? यह सवाल सभी की जुबान पर था। गत 22 अप्रैल को गासिया अपने चारों बच्चों के साथ कसड़ा के एक शादी समारोह में शामिल होने आई थी। छह माह पहले वह अपने मायके भी बच्चों के साथ गयी थी। उसके पिता फैजू ने बताया कि गत सर्दी के मौसम में वह अपने पति नियाज से मिलने सऊदिया गयी थी। एक माह बाद उमरा कर वहां से वापस आयी थी।