अंबेडकरनगर में दूसरे दिन भी ग्राम सचिवालयों में नहीं पहुंचे लेखपाल और सचिव, फरियादी परेशान
सरकारी आदेश के बावजूद अंबेडकरनगर के ग्राम सचिवालयों में लेखपाल और पंचायत सचिव अनुपस्थित पाए गए। ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, अंबेडकरनगर। शासन का आदेश है कि ग्राम सचिवालयों में लेखपाल व पंचायत सचिव अनिवार्य रूप से बैठेंगे। ग्रामीणों के कार्य करेंगे।
इसे बुधवार से अनिवार्य किया गया था, लेकिन दूसरे दिन भी आदेश को जिम्मेदारों ने हवा में उड़ा दिया। कुछ में ताला बंद मिला तो कहीं पंचायत सहायक ही बैठे मिले। अधिकारी भी अनुपालन को लेकर गंभीर नहीं दिखे। दैनिक जागरण की पड़ताल में यह स्थिति सामने आई। प्रस्तुत है रिपोर्ट...
10.25 बजे: जलालपुर ब्लाक के सलाहपुर अकबालपुर ग्राम सचिवालय में ताला बंद मिला। यही हाल 10.35 बजे इटौरी बीबीपुर का रहा। 10.50 बजे रामपुर दुबे में तालाबंदी के बीच सन्नाटा पसरा रहा।
11.29 बजे: मालीपुर ग्राम सचिवालय के एक कमरे में पंचायत सहायक निधि गुप्ता मौजूद मिलीं। दूसरे कमरे में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता निर्मला, राम रतन के साथ रजिस्टर बना रही थीं।
11.38 बजे: गुवावां जमालपुर में पंचायत सहायक प्रियंका थीं। इस दौरान गांव के बुजुर्ग भुलेसर लेखपाल और सचिव से अपनी पीड़ा सुनाने पहुंचे, लेकिन कोई नहीं मिला। उन्होंने बताया कि बरसात से घर गिर गया है। दैवीय आपदा में आवास प्राप्त करने के लिए रिपोर्ट की जरूरत है।
11.56 बजे: खालिसपुर भटौली में भवन बंद मिला। जलालपुर ब्लाक के रुधौली अदाई में कंप्यूटर पर पंचायत सहायक अभिषेक मौर्य काम कर रहे थे। 10.55 बजे तक कोई नहीं पहुंचा। इसी के बगल करमिसिरपुर गांव का ग्राम सचिवालय बना है। यहां भी 10.59 बजे ताला बंद था।
10.50 बजे: नारीपुर मेहनाजपुर में पंचायत सहायक सरिता मौजूद रहीं। क्षेत्रीय लेखपाल अनुपस्थित रहे।11.00 बजे ग्राम पंचायत बड़ेपुर सचिवालय खुला पाया गया, परंतु कोई मौजूद नहीं था। यहां पर पंचायत सहायक का पद रिक्त चल रहा है।
11.05 बजे: ग्राम पंचायत रहीमपुर पट्टी में ग्राम पंचायत सचिवालय खुल पाया गया, लेकिन कोई मौजूद नहीं रहा। बसखारी ब्लाक के अजमेरी ग्राम पंचायत में स्थित सचिवालय पर ताला लगा रहा। मौजूद सफाईकर्मी मुकेश ने बताया कि पंचायत सचिव अभी नहीं आए हैं।