अंबेडकरनगर में 280 मेगावाट पहुंची बिजली की खपत, अप्रैल में ही टूटा जून का रिकॉर्ड
भीषण गर्मी के कारण अंबेडकरनगर में अप्रैल में ही बिजली की खपत 280 मेगावाट पहुंच गई है, जिसने पिछले साल ...और पढ़ें
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280 मेगावाट पहुंची बिजली की खपत।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सूत्र, अंबेडकरनगर। भीषण गर्मी संग हीटवेव से राहत पाने के लिए घरों और कार्यालयों में एसी और कूलिंग उपकरणों का उपयोग तेजी से बढ़ा है। स्थिति यह है कि अप्रैल में ही बिजली की खपत ने पिछले वर्ष जून का रिकार्ड तोड़ दिया है। गत वर्ष अप्रैल में 250 और जून में 270 मेगावाट बिजली की मांग दर्ज की गई थी।
इस बार अप्रैल में ही यह आंकड़ा बढ़कर 280 मेगावाट पहुंच गया है। ट्रांसमिशन के अफसरों का कहना है कि जिस तरह से गर्मी बढ़ रही है, उससे इस बार बिजली की मांग 300 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है।
वहीं, भीषण गर्मी में शहर तथा ग्रामीण क्षेत्र को तय शेड्यूल के अनुसार बिजली आपूर्ति करने के लिए मध्यांचल विद्युत वितरण निगम घुटने टेक रहा। बिजली की अधिक खपत से तार जलने, फ्यूज उड़ने, फीडर फुंकने, इंसुलेटर खराबी जैसी समस्या उत्पन्न हो रही है।
बढ़ती गर्मी के चलते एसी, कूलर, पंखे व ट्यूबवेल के बढ़ते लोड से बिजली की मांग दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। कोटवा महमदपुर 132 केवीए ट्रांसमिशन केंद्र से सामान्य दिनों में 200 मेगावाट खर्च होने वाली बिजली अब 250 से 280 मेगावाट तक पहुंच चुकी है। बुधवार को दोपहर एक बजे तक मांग 280 मेगावाट रही।
बिजली खपत बढ़ने से दिन-रात फाल्ट के नाम पर अंधाधुंध कटौती हो रही है। ग्रामीणांचल में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा है, लेकिन बमुश्किल 10 घंटे ही मिल रही है। उसमें भी बिजली की आवाजाही लगी रहती है। वहीं, शहरी क्षेत्र में 24 घंटे के सापेक्ष 18 घंटे आपूर्ति चल पा रही है। इस बीच ओवरलोड से कहीं तार टूटने, ट्रांसफार्मर फुंकने, फ्यूज उड़ने, जंपर कटने आदि की समस्या के चलते बिजली गुल हो जा रही है।
रात भर होती रही बिजली कटौती
टांडा, जलालपुर, आलापुर, रामनगर, बसखारी क्षेत्र में सर्वाधिक बिजली कटौती हो रही है, जिससे लोग गर्मी से बेहाल हैं। मंगलवार रात नौ बजे बैरमपुर बरवां उपकेंद्र से संचालित शिव बाबा फीडर से जुड़े तिवारीपुर गांव के पास जंपर उड़ने से आधी रात तक गांव में बिजली आपूर्ति ठप रही।
मरैला फीडर की 11 हजार वोल्टेज लाइन पर मालीपुर रोड के पास पेड़ की डाली गिरने से रात 12 बजे तक बिजली नहीं रही। अकबरपुर वीआइपी फीडर पर ट्रिपिंग से बिजली की आवाजाही लगी रही। मंगलवार दिन में कटेहरी, भीटी में कटौती से लोग परेशान रहे।
पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष बिजली मांग बढ़ गई है। मौजूदा समय में 270 मेगावाट खपत हो रही है। गत वर्ष जून में बिजली खपत 280 मेगावाट थी। अप्रैल में अब 280 मेगावाट तक पहुंच गई है। -आरपी पाठक, एसडीओ ट्रांसमिशन।
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