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    अंबेडकरनगर: पूर्व विधायक पवन पांडेय पर भूमि हड़पने और हत्या के आरोप तय, गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 02:38 PM (IST)

    अंबेडकरनगर में पूर्व विधायक पवन कुमार पांडेय समेत अन्य आरोपियों पर भूमि हड़पने और युवक की हत्या के मामले में आरोप तय किए गए हैं। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. पूर्व विधायक पवन पांडेय पर भूमि हड़पने, हत्या के आरोप तय।

    2. गैंगस्टर एक्ट के तहत अन्य आरोपियों पर भी आरोप तय हुए।

    3. मामले में अगली सुनवाई 29 अगस्त को, साक्ष्य प्रस्तुत होंगे।

    जागरण संवाददाता, अंबेडकरनगर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एमपी एमएलए) परविंदर कुमार ने गैंग्सटर पूर्व विधायक पवन कुमार पांडेय समेत अन्य आरोपितों के विरुद्ध आरोप तय कर दिए हैं। न्यायालय ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्य में पत्रावली नियत की है।

    अकबरपुर के नासिरपुर बरवां की चंपा देवी ने मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि बेशकीमती भूमि हड़पने के उद्देश्य से कोटवा महमदपुर के पूर्व विधायक पवन पांडेय और उनके समर्थक जौनपुर शाहगंज के मुकेश तिवारी, गोविंद यादव, लालबहादुर सिंह व दीपनारायण शर्मा ने मिलीभगत से पुत्र अजय सिंह को नशे का इंजेक्शन देकर 2020 में 20 लाख रुपये देकर इकरारनामा करा लिया था।

    इसके बाद आरोपितों ने संपत्ति हड़पने की नीयत से मई 2022 में आजमगढ़ के अतरौलिया की नीतू सिंह के साथ पुत्र का झूठा विवाह करा दिया। नगर पालिका अकबरपुर के परिवार रजिस्टर में उसे अजय सिंह की पत्नी के रूप में दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया।

    आर्य समाज मंदिर बाराबंकी का फर्जी विवाह प्रमाण दाखिल किया। शादी के दो घंटे बाद ही मोटर साइकिल से सड़क दुर्घटना में अजय सिंह की मौत हो गई। उच्च न्यायालय के आदेश पर विवेचना एसटीएफ लखनऊ को सौंपी गई।

    एसटीएफ ने आरोपित पूर्व विधायक पवन पांडेय को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। 14 जुलाई 2024 को जिला मजिस्ट्रेट के अनुमोदन पर सभी आरोपितों के विरुद्ध गैंग्सटर का मुकदमा दर्ज किया गया था।

    गैंग्सटर एक्ट के मुकदमे में सोमवार को पूर्व विधायक जेल से तलब होकर न्यायालय पर उपस्थिति हुए। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दिलीप सिंह ने बताया कि आगामी 29 अगस्त को अभियोजन साक्ष्य में पत्रावली नियत है।

    आदेश के लिए 17 अगस्त की तिथि तय

    पूर्व विधायक पवन पांडेय के विरुद्ध 26 वर्ष पूर्व दर्ज मुकदमे में दोनों पक्षों के बहस के उपरांत पत्रावली 17 अगस्त को आदेश के लिए नियत की गई है। वर्ष 1999 में पूर्व विधायक ने बाधित बिजली व्यवस्था के विरोध में धरना एवं प्रदर्शन के लिए सदर उपजिलाधिकारी से अनुमति मांगी थी। अनुमति सिर्फ दो व्यक्तियों के साथ ज्ञापन देने को मिली।

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    इसके बाद पूर्व विधायक के नेतृत्व में 50-60 लोग अचानक पहुंचे। नारेबाजी करते हुए उत्तेजित भाषण शुरू कर दिए थे। जबकि प्रशासन ने बताया कि धारा 144 लागू है। इसी बीच भीड़ से बम व तमंचे चले और ईंट-पत्थर पुलिस बल पर फेंके जाने लगे। पुलिस ने पवन पांडेय समेत अन्य आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था।

    सत्र परीक्षण के दौरान सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने साक्षियों को परीक्षित कराते हुए तर्क प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने आगामी 17 अगस्त को आदेश के लिए तिथि नियत की है।