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सरयू में उफान : लाल निशान के ऊपर पहुंचा जलस्तर, आबादी वाले इलाकों की ओर बढ़ रहा बाढ़ का पानी

Published: Mon, 17 Aug 2026 06:53 PM (IST)

सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है, जिससे टांडा और आलापुर तहसील के तटीय गांवों ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. सरयू का जलस्तर खतरे के निशान 92.73 मीटर से ऊपर।

  2. टांडा-आलापुर के तटीय गांवों में बाढ़ का खतरा गहराया।

  3. प्रशासन ने राहत-बचाव की तैयारियां पूरी की, ग्रामीणों को सतर्क किया।

संवाद सूत्र, टांडा(अंबेडकरनगर)। पखवारे भर से उतार-चढ़ाव के बीच सरयू नदी का जलस्तर खतरे का लाल निशान पार कर गया है। गत रविवार के सापेक्ष रिकार्ड 29 सेंटीमीटर बढ़ोत्तरी दर्ज कर अपराह्न तीन बजे तक जलस्तर खतरे के निशान 92.73मीटर से एक सेंटीमीटर ऊपर 92.74 मीटर पर पहुंच गया है। टांडा व आलापुर तहसील के तटीय गांवों में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है।

रास्तों पर पहले ही पानी भरने लगा था, अब प्रति घंटे एक सेंटीमीटर जलस्तर बढ़ने से पानी आबादी की ओर पहुंचने लगा है। नदी की दो जल धाराओं के मध्य में बसे माझा उल्टहवा गांव के दो मजरों की आबादी की ओर नदी का पानी बढ़ रहा है। सरयू नदी का जलस्तर रविवार को अपराह्न तीन बजे तक 92.45 मीटर पर पहुंच गया था।

18 सेंटीमीटर की वृद्धि के साथ सोमवार की सुबह छह बजे नदी का जलस्तर बढ़कर 92.63 मीटर पर पहुंच गया। तीन घंटे बाद नौ बजे तक जलस्तर में पांच सेंटीमीटर की वृद्धि के साथ जलस्तर 92.68 मीटर पर पहुंचा। अपराह्न तीन बजे जल खतरे के लाल निशान 92.73 मीटर से एक सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग ने जलस्तर मे वृद्धि जारी रहने का अनुमान है।

बताया जाता है कि बैराजों से बड़ी मात्रा में पानी छोड़ने से जलस्तर में बढ़ोत्तरी हो रही है। नदी के जल धाराओं के बीच बसे मांझा उल्टाहवा गांव के प्रशासक शिव प्रसाद यादव ने बताया की गांव के जालिम का पूरा व दिलशेर का पूरा मजरों की आबादी की ओर नदी का पानी बढ़ रहा है। सोतियों के रास्ते पानी गांव की ओर पहुंच रहा है।

प्रशासन ने ग्रामीणों को किया सतर्क

जिलाधिकारी ईशा प्रिया संग टांडा तथा आलापुर के एसडीएम ने जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए तटीय गांवों का भ्रमण किया। राहत व बचाव के लिए अधिकारियों का सतर्क करते हुए ग्रामीणों को सभी तैयारियां पूर्ण होने के प्रति आश्वस्त किया है। जिला मुख्यालय पर कंट्रोल रूम द्वारा नदी के बढ़ते जलस्तर पर निगरानी की जा रही है। यहां पर बाढ़ से संबंधित शिकायत, समस्या व सुझाव लिए जाने लगे हैं।

आलापुर में बाढ़ शरणालय पर सुविधा और संसाधनों को दुरुस्त करा लिया गया है। यहां बिजली, पानी, खाद्य पदार्थों का इंतजाम करने को कहा गया है। ग्रामीणों को बाढ़ के समय अपनाई जाने वाली सावधानियां, राहत व बचाव कार्यों की कार्यप्रणाली बताई गई।

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जलभराव अथवा तेज बहाव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से प्रवेश न करें, विद्युत तारों एवं बिजली के खंभों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें, अफवाहों पर ध्यान नहीं दें तथा केवल प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। आपदा के समय उनका व्यवहार धैर्यपूर्ण, संवेदनशील रहने को कहा गया।