अंबेडकरनगर में 1130 शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा का तोहफा, परिजनों को पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत अंबेडकरनगर में उच्च शिक्षा के 1130 शिक्षकों और उनके परिजनों को पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। ...और पढ़ें

HighLights
1130 उच्च शिक्षा शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ।
प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा।
कलेक्ट्रेट सभागार में डिजिटल हेल्थ कार्ड का वितरण किया गया।
जागरण संवाददाता, अंबेडकरनगर। द्मुधख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना से प्रदेश के 1.28 लाख से अधिक उच्च शिक्षा के शिक्षकों व स्वजन पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज पाएंगे। इसमें अंबेडकरनगर के 108 उच्च शिक्षा के संस्थानों में 1130 शिक्षकों को आच्छादित किया गया है। लाभ पाने वालों में तीन अशासकीय सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेजों के 80 शिक्षक तथा 105 स्ववित्तपोषित डिग्री कॉलेजों के 1050 शिक्षक शामिल हैं। वैसे तो जिले में करीब 135 उच्च शिक्षण संस्थान हैं, लेकिन इनमें शिक्षकों के अनुमोदन से लेकर अन्य अभिलेखीय प्रक्रियाएं पूर्ण नहीं हैं। ऐसे में पात्रता पूर्ण होने पर इन्हें लाभ मिल सकेगा।
कलेक्ट्रेट सभागार में उच्च शिक्षा के शिक्षकों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना से आच्छादित करने के लिए जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित हुआ। यहां जनप्रतिनिधियों ने पात्र शिक्षकों को डिजिटल हेल्थ कार्ड वितरित किया।
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों समेत उनके आश्रितों के कल्याण की मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के शुभारंभ के मुख्य समारोह का सजीव प्रसारण दिखाया गया।
इस योजना से उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों, प्राध्यापकों एवं उनके आश्रित परिजनों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए भारी-भरकम खर्च से मुक्ति मिलेगी। प्रत्येक पात्र परिवार को प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा राजकीय चिकित्सालयों के साथ-साथ आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में मिलेगी।
मुख्य अतिथि एमएलसी डाॅ. हरिओम पांडेय तथा विशिष्ट अतिथि कटेहरी विधायक धर्मराज निषाद द्वारा आयोजन का शुभारंभ किया गया। जिलाधिकारी ईशा प्रिया, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रंजीत सिंह, डीआईओएस डॉ. कौस्तुभ सिंह एवं उच्च शिक्षा विभाग से प्राचार्य/नोडल अधिकारी प्रोफेसर अरविंद वर्मा उपस्थित रहे।
एमएलसी ने कहा कि, शिक्षक राष्ट्र का निर्माता होता है। यदि हमारा शिक्षक वर्ग मानसिक और शारीरिक रूप से निश्चिंत रहेगा, तो वह देश की भावी पीढ़ी को और अधिक ऊर्जा के साथ तराश सकेगा। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा किया है।
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विधायक ने कहा कि सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबके कल्याण के संकल्प पर काम कर रही है। अब किसी भी शिक्षक को अपने या अपने परिवार के इलाज के लिए कर्ज लेने या आर्थिक तंगी से जूझने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि शत-प्रतिशत पात्र शिक्षकों और उनके आश्रितों के डिजिटल हेल्थ कार्ड समयबद्ध तरीके से बनवाएंगे, ताकि योजना का लाभ जमीनी स्तर पर सभी लाभार्थी तक बिना किसी बाधा के पहुंच सके। यहां विभिन्न महाविद्यालयों से आए शिक्षक लाभार्थियों को सांकेतिक रूप से योजना के डिजिटल कैशलेस हेल्थ कार्ड सौंपे गए।