अमेठी बेसिक शिक्षा विभाग गबन: एक ही खाते में कई बार भेजी गई करोड़ों की धनराशि
अमेठी में बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय में 6.46 करोड़ रुपये से अधिक के गबन की सीबीआई जांच चल रही है। ...और पढ़ें

HighLights
बेसिक शिक्षा विभाग में 6.46 करोड़ रुपये का गबन।
सीबीआइ कर रही है मामले की गहन जांच पड़ताल।
एक ही खाते में कई बार भेजी गई धनराशि।
जागरण संवाददाता, अमेठी। बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय में शिक्षकों के देयकों के नाम पर हुए 6.46 करोड़ रुपये से अधिक के कथित घोटाले की जांच सीबीआइ कर रही है।
सूत्रों के अनुसार जांच में सामने आया है कि नियमों की अनदेखी करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के सहमति के बगैर बेनीफिसरी आइडी बनाई गई और उसी के माध्यम से एक ही दिन में एक ही बैंक खाते में तीन बार सरकारी धनराशि स्थानांतरित की गई।
ऐसे में पूरे मामले में वित्त एवं लेखाधिकारी की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। जांच के अनुसार लेखा लिपिक मनोज मालवीय पर घोटाले का मास्टरमाइंड होने का आरोप है।
आरोप है कि उन्होंने नियमों का उल्लंघन कर बेनीफिसरी आइडी तैयार कराई और उसके जरिए कार्यालय में तैनात दो शिक्षकों व दो आउटसोर्स कर्मियों सहित अन्य लोगों की बेनीफिसरी बनाकर उनके बैंक खाते में कई बार भुगतान कराया।
इतना ही नहीं, जांच में यह भी सामने आया है कि एक बैंक खाते में दिनभर में तीन बार गबन की धराशि भेजी गई है। जबकि कई खाते में हर महीने चार से पांच बार सरकारी खजाने से धनराशि भेजी जाती रही।
मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) कर रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ ही घोटाले से जुड़े नए तथ्य सामने आ रहे हैं और अधिकारियों की भूमिका की भी बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
आरोपितों के बैंक खाते में पहुंची धनराशि
- अभिषेक सिंह, ब्लाक को-आर्डिनेटर - 54 लाख 26 हजार 273 रुपये
- शिवम पांडेय, ब्लाक एमआइएस को-आर्डिनेटर - एक करोड़ 34 लाख 53 हजार 346 रुपये,
- श्रवण कुमार द्विवेदी, प्रधानाध्यापक प्रावि बेचूगढ़ - 77 लाख छह हजार 346 रुपये
- शैलेंद्र चंद्र शुक्ल, सहायक अध्यापक- प्रावि शिवदास गुडूर - 47 लाख 42 हजार 520 रुपये