‘हदबरारी और पांच बार मेडबंदी के बाद भी नहीं मिला कब्जा’, संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम ने सुनीं शिकायतें
तिलोई तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी संजय चौहान ने 67 शिकायतें सुनीं, जिनमें से 8 का मौके पर निस्तारण हुआ। ...और पढ़ें

HighLights
तिलोई में 67 में से 8 शिकायतें मौके पर निस्तारित।
सर्वाधिक शिकायतें जमीनी विवाद और पुलिस से संबंधित।
डीएम ने गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश।
जागरण संवाददाता, अमेठी। शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध निस्तारण करें। जिससे एक ही शिकायत कई बार न आए। यह बात जिलाधिकारी ने आयोजित तहसील संपूर्ण समाधान दिवस में कही। जिलाधिकारी संजय चौहान के समक्ष कुल 67 शिकायतें पंजीकृत हुईं। जिसमें आठ का मौके पर निस्तारण किया गया।
बड़ी संख्या में महिलाएं भी अपनी फरियाद लेकर समाधान दिवस में पहुंची। सर्वाधिक जमीनी विवाद और पुलिस से संबंधित शिकायतें पंजीकृत हुईं। शिवरतनगंज थाना शिकायत में अव्वल रहा।
तहसील समाधान दिवस में शिकायत करने आने वाले अधिकांश फरियादियों की शिकायतों के संबंध में गड़बड़ी करने वाले कर्मचारी उच्चाधिकारियों को गुमराह करते देखे गए।
वहीं तहसील गौरीगंज में 58 शिकायतें प्राप्त हुई, जिनमें पांच, अमेठी में 24 में से एक व मुसाफिरखाना तहसील में 17 शिकायतों में से तीन का निस्तारण किया गया।
शेष शिकायतों के निस्तारण के लिए पुलिस और राजस्व की संयुक्त टीमें मौके पर भेजी गई। दिवस के दौरान एसडीएम डा. पूर्णिमा श्रीवास्तव, सीओ दिनेश कुमार मिश्रा, सीएमओ डा. अंशुमान सिंह, डीडीओ वीरभानु सिंह सहित अन्य उपस्थित रहे।
केस एक: दोनो आंख से दिव्यांग हूं। दो वर्ष पूर्व धारा 24 के तहत अपनी पुस्तैनी जमीन की पैमाइश कराई। मेंडबंदी का आदेश होने के बाद भी राजस्व निरीक्षक ने मेडबंदी नहीं कराई। रिपोर्ट में लिख दिया कि वादी का कब्जा सही है। 30 जुलाई को कब्जे की भूमि में एक संगठक नंबर के किसान को माप कर कब्जा दे दिया गया। जिलाधिकारी से मामले की शिकायत की तो राजस्व निरीक्षक सुशील शुक्ल ने डीएम साहब को गुमराह करते हुए जिसका धारा 24 में आदेश नहीं था उसे ही आदेश वाला बता दिया। पीड़ित निराश है। -राजाराम, कुकहा रामपुर
केस दो: शारीरिक रूप से दिव्यांग हूं। घुटनों के बल चलकर तहसील संपूर्ण समाधान दिवस में आया हूं। प्रधानमंत्री आवास की मांग के लिए जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया है। जिलाधिकारी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए बीडीओ सिंहपुर को निर्देशित किया कि आवेदक का दिव्यांग कोटे की आवास सूची में नाम शामिल करें और आवास का लाभ दिलाया जाए। -रामउदित शर्मा, कुकहा रामपुर
केस तीन: तीन वर्ष पूर्व धारा 24 के तहत भूमि की हदबरारी हुई और पांच बार मेडबंदी। इसके बाद भी प्रतिपक्षी बेजा दखल दे रहे हैं। जब भी थाने में न्याय मांगने जाते हैं। तो शांति भंग में चालान कर दिया जाता है। ऐसे में थक हारकर जिलाधिकारी से शिकायत मिली है। यहां से न्याय न मिला तो कहां जाऊंगा। न्याय के लिए दर दर भटक रहा हूं। -रामनाथ, महेशपुर मजरे महिया सिंदुरिया
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केस चार: उनकी वरासत संबंधी जमीनी विवाद नायब तहसीलदार की अदालत में विचाराधीन है। परंतु बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश शिवरतनगंज पुलिस प्रतिपक्षी को जबरन कब्जा कराने में जुटी हुई है। लड़के को एक तरफा मार पीटकर शांति भंग में चालान कर दिया। उनके घर पर ही दूसरे जिले के प्रतिपक्षी को जबरन कब्जा कराने का प्रयास कर रही है। -रामवती, पूरे शुक्लन मजरे महिया सिंदुरिया
तहसील दिवस में आई सभी शिकायतों की गुणवत्तापरक और पारदर्शी तरीके से जांच करने के सभी कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं। यदि लापरवाही पाई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-डाॅ. अरुणिमा श्रीवास्तव, एसडीएम, तिलोई।