8 हजार का कर्ज बना 111 करोड़ रुपये, विधवा ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार, डीएम बोले- यह कैसे हो गया?
अमेठी में एक दलित विधवा को 15 साल पहले पति द्वारा लिए गए 8134 रुपये के कर्ज के बदले 111 करोड़ रुपये चुकाने या घर-जमीन छोड़ने की धमकी मिल रही है। ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
दिलीप सिंह, अमेठी। 15 वर्ष पहले घर बनवाते समय पति ने 8134 रुपये का कर्ज लिया था। पति की मौत के बाद अब सूदखोर दलित विधवा लीलावती से पति द्वारा उधारी लेने का आरोप लगाते हुए मूलधन और ब्याज की रकम एक सौ 11 करोड़ से अधिक रुपये वापस करने का अल्टीमेटम दिया है।
पूरा पैसा नहीं देने पर जमीन व घर पर जबरन कब्जा करने करने की धमकी दे रहे हैं। मामला शिवरतनगंज थानाक्षेत्र के सेमरौता गांव का है। पीड़िताने एसपी से पूरे मामले की शिकायत की है। एसपी ने सीओ तिलोई को जांच सौंपी है।
यह है पूरा मामला
पीड़ित विधवा लीलावती ने पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र में लिखा है कि उनके पड़ोसी राम अभिलाष द्वारा बताया जा रहा है कि 15 वर्ष पूर्व जब तुम्हारे पति शिवशरण उर्फ पट्टे जिंदा थे, तो इंदिरा आवास बनवाते समय मुझसे आठ हजार 134 रुपये उधार लिए थे। जिसका मूलधन और ब्याज मिलाकर 111 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है या तो मेरा हिसाब करो या अपनी जमीन, मकान सब मुझे दे दो।
पीड़िताने कहा कि यही नहीं उसने मेरी कुछ जमीन पर ईंट लगाकर कब्जा भी कर लिया है। लीलावती ने बताया कि पहले मामले की शिकायत शिवरतनगंज थाने पर जाकर की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। थाने से निराशा मिलने पर को पीड़िताने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की।
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शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने क्षेत्राधिकारी तिलोई को जांच सौंपी है। शुक्रवार को पीड़ित महिला को बयान के लिए क्षेत्राधिकारी कार्यालय बुलाया गया था। महिला ने अपनी पीड़ा सीओ को बताते हुए मकान व भूमि बचाने की मांग की है।
वहीं, राम अभिलाष के मोबाइल नंबर 9450003776 पर बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कहा कि जिसने शिकायत की है, उसी से बात करें। एसपी सरवणन टी. ने कहा कि सीओ तिलोई को शिकायत की जांच सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
15 सालों में आठ हजार का 111 करोड़ रुपये कैसे हो गया? यह गंभीर विषय है। मूलधन से ब्याज बहुत अधिक हो जाने के मामले की गहनता से जांच करवाई जाएगी। पीड़िता को न्याय अवश्य मिलेगा। साहूकारी नीति में एडीएम (वित्त एवं राजस्व) के यहां से ब्याज का व्यवसाय करने के लिए लाइसेंस जारी होता है।
-संजय चौहान, डीएम अमेठी