नौ साल तक चकमा देता रहा शमीम घोड़ा का भाई, आधार कार्ड में नाम देखकर दंग रह गई पुलिस, फिर ऐसे हुआ गिरफ्तार
अमरोहा में गोकशी और पुलिस पर हमले का आरोपी वसीम, जो नौ साल से फरार था, अब गिरफ्तार हो गया है। डेढ़ महीने पहले भाई शमीम घोड़ा की गिरफ्तारी से पुलिस को ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, अमरोहा। गोकुशी व पुलिस पर हमला करने का आरोपी, जिसे पुलिस नौ साल के भीतर गिरफ्तार नहीं कर सकी। न सिर्फ उसने बल्कि सारे परिवार ने आधार कार्ड में पिता का नाम बदल कर पहचान छुपा ली तथा गांव में ही रहे।
डेढ़ महीना पहले पुलिस ने उसके भाई को गिरफ्तार कर जेल भेजा तो पुलिस को इस लुकाछिपी की भनक लगी। नौ साल तक पुलिस के मुखबिर तंत्र को धता बताने वाले गोकुशी व पुलिस पर हमले का यह आरोपित अब गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। उसके विरुद्ध स्थायी वारंट भी जारी हो गया था।
यह है पूरा मामला
डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव मूंढा इम्मा में 6 जून 2017 में गोकशी की गई थी। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया था। इस मामले में तत्कालीन दारोगा संजीव कुमार ने गांव के इमाम समेत 18 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। 17 लोग जमानत करा चुके हैं, जबकि एक आरोपित वसीम पुत्र अकबर उर्फ लल्ला गिरफ्तार नहीं हुआ था। वह लगातार फरार रहा। पुलिस की तमाम कोशिश के बाद भी वह हाथ नहीं लगा था।
पुलिस 2019 में उसके विरुद्ध कुर्की की कार्रवाई कर स्थायी वारंट भी जारी करा चुकी थी। इसी बीच 2021 में वसीम ने किसी जनसेवा केंद्र पर न सिर्फ अपने बल्कि परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड में संशोधन करा कर पिता का नाम अकबर उर्फ लल्ला के स्थान पर नवाबजान दर्ज करा लिया।
खबरें और भी
थाने में कोतवाल व अन्य स्टाफ बदलता रहा तो वसीम का अपराधिक इतिहास भी धुंधला होता रहा। जब भी नया दारोगा या पुलिस कर्मी गांव जाते तो वसीम के पिता का नाम देख कर वापस लौट आते। इस प्रकार से बीते नौ साल से वसीम पिता का नाम बदल कर गांव में ही रहता रहा।
पुलिस ने उसके विरुद्ध कुर्की की कार्रवाई करने के साथ ही अदालत से स्थायी वारंट भी जारी करा दिए थे। चूंकि इस मामले में उसके भाई शमीम घोड़ा को भी नामजद किया गया था तथा अब फिर से उसके वारंट जारी हो गए थे। शमीम घोड़ा के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट का एक और मुकदमा दर्ज था।
शमीम घोड़ा के चर्चित होने के कारण डेढ़ महीना पहले पुलिस उसे आसानी से गिरफ्तार करने में कामयाब रही। जब आधार कार्ड में पिता का नाम संशोधित देखा तो पुलिस के होश उड़ गए।
उधर भाई की गिरफ्तारी के बाद भेद खुलने पर वसीम घर से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में थी। गुरुवार सुबह वसीम गांव में पहुंचा था। मुखबिर की सूचना पर प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र बालियान, एसआइ जसवीर सिंह तथा सिपाही संदीप कुमार और मानवेंद्र सिंह ने उसे गांव से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान वसीम ने बताया कि पुलिस से बचने के लिए उसने 2021 में अपने साथ ही परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड में पिता का नाम अकबर की जगह नवाबजान दर्ज करा लिया था। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि आरोपित को जेल भेज दिया है।