अमरोहा में छुपे बैठे साइबर अपराधी, शनिवार को दो और आरोपी गिरफ्तार
अमरोहा में साइबर अपराधियों का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है, जहां गजरौला पुलिस ने एक और आरोपी मोनू को गिरफ्तार किया है, जबकि मंडी धनौरा में रिंकू के खिलाफ प् ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, अमरोहा। साइबर अपराधियों का नेटवर्क जिले में भी सक्रिय है। यहां के युवक भी दूसरे राज्यों में संचालित साइबर ठगी करने वाले गैंग के सक्रिय सदस्य हैं। गुरुवार को गजरौला व रहरा से दो आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इस क्रम में शनिवार को भी गजरौला पुलिस ने एक आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जबकि मंडी धनौर में दूसरे पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इन आरोपितों के विरुद्ध प्रतिबिंब पोर्टल पर यूपी समेत छह राज्यों से शिकायत दर्ज कराई गई थी।
गुरुवार को गजरौला पुलिस ने क्षेत्र के गांव पपसरा खादर निवासी आसुद्दीन को साइबर ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया था। जबकि उसके साथ ही राजस्थान के भरतपुर निवासी मुश्ताक व उसकी पत्नी रेशमा व हाथरस निवासी जाकिर के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की थी।
वहीं रहरा पुलिस ने भी गांव पौरारा निवासी मुकुल को साइबर ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया था। इन आरोपितों के बारे में प्रतिबिंब पोर्टल पर मध्य प्रदेश व झारखंड से साइबर ठगी करने की शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। इस क्रम में शनिवार को भी पुलिस को प्रतिबिंब पोर्टल से जिले में सक्रिय साइबर ठगों के बारे में इनपुट मिला था।
लिहाजा गजरौला पुलिस न कार्रवाई करते हुए गांव शाहपुर उर्फ साहबपुर निवासी मोनू को गिरफ्तार कर लिया। उसके विरुद्ध बंगाल के कोलकाता ईस्ट, स्पेशल से दिल्ली, गुजरात सूरत व यूपी के सुल्तानपुर से शिकायत दर्ज कराई गई थी। आरोप है कि साइबर ठगी के आरोपित ने लोगों को स्टाक मार्केट में लाभ पहुंचाने का झांसा देकर आनलाइन पैसे अपने खाते में ट्रांसफर कराए थे।
खबरें और भी
पुलिस ने आरोपित के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। उधर दूसरा मामला मंडी धनौरा थाने से जुड़ा है। क्षेत्र के ग्राम कलाली निवासी रिंकू के खिलाफ भी प्रतिबिंब पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई थी। इनमें पहली शिकायत हैदराबाद (तेलंगाना) निवासी राठौड़ श्रीनिवास व दूसरी असम के गुवाहाटी निवासी चंद्रा निवार ने दर्ज कराई थी।
आरोप है कि रिंकू ने मोबाइल फोन के माध्यम से दोनों लोगों से संपर्क कर उन्हें एईपीएस (आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम) आइडी उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। इसके बाद इलेक्ट्रानिक माध्यमों का इस्तेमाल करते हुए उनसे करीब 32 हजार रुपये अपनी कंपनी के बैंक खाते में ट्रांसफर करा लिए। जब वादा पूरा नहीं हुआ तो पीड़ितों ने राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायतों के सत्यापन के बाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस बैंक खातों के लेनदेन, मोबाइल नंबरों व अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। प्रभारी निरीक्षक अमरपाल सिंह ने बताया कि कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।