अमरोहा के किसानों को 44.67 करोड़ रुपये गन्ना भुगतान का इंतजार, तीन चीनी मिलों पर बकाया
अमरोहा जिले में किसानों का चीनी मिलों पर 44.67 करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान बकाया है, जिसमें वेब शुगर मिल धनौरा पर सर्वाधिक 39 करोड़ रुपये लंबित हैं। ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, अमरोहा। जनपद के किसान मंडल भर की दस चीनी मिलों को गन्ना की आपूर्ति करते हैं। इनमें से सात चीनी मिलों ने गन्ना भुगतान कर दिया है, जबकि तीन पर करीब 44.67 करोड़ रुपये की देनदारी है।
इनमें से अकेले वेब शुगर मिल धनौरा पर 39 करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना भुगतान लंबित है जबकि, राणा शुगर मिल पर चार करोड़ का बकाया है। करीमगंज मिल शाहबाद पर 1.67 करोड़ रुपये बकाया है।
अधिकारियों का दावा है कि एक सप्ताह के भीतर चीनी मिलों ने गन्ना भुगतान का भरोसा दिलाया है। अगर समयावधि के भीतर उनके द्वारा बकाया भुगतान नहीं किया जाता है तो उनके खिलाफ अगली कार्रवाई की जाएगी।
जिलेभर में 1.97 लाख हेक्टेयर जमीन पर गन्ने की खेती होती है, जिसकी वजह से जनपद काे गन्ना बेल्ट से भी पहचाना जाता है। 1.32 लाख किसान प्रत्येक पेराई सत्र में मुरादाबाद मंडल की दस चीनी मिलों को गन्ना की आपूर्ति करते हैं, जिनमें धनौरा, हसनपुर, चंदनपुर, असमोली, बेलवाड़ा, धामपुर, स्योहारा, करीमगंज, चांगीपुर व अगवानपुर चीनी मिल शामिल हैं।
इन चीनी मिलों में से सात ने किसानों का गन्ना मूल्य का पूरा भुगतान कर दिया है। सभी किसानों के खातों में धनराशि पहुंच गई है लेकिन, धनौरा की वेब शुगर मिल व बेलवाड़ा की राणा शुगर मिल पर करोड़ों रुपया बकाया है।
डीसीओ मनोज कुमार के मुताबिक, 39 करोड़ रुपया धनौरा चीनी मिल पर किसानों का बकाया है। इनमें से 12 करोड़ रुपया चीनी मिल किसानों के बैंक खातों में एकाध दिन के अंदर ही ट्रांसफर कर देगी। जबकि, 27 करोड़ रुपया उसके द्वारा एक सप्ताह में ही किसानों को भुगतान किए जाने का वादा किया जा रहा है।
राणा व करीमगंज शुगर मिल प्रशासन भी इसी सप्ताह में किसानों को बकाए गन्ना मूल्य का पूरा भुगतान करने की बात कह रहा है। अगर उनके द्वारा वादे को तोड़ने की कोशिश की गई तो सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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गन्ना सट्टा सर्वेक्षण का प्रदर्शन शुरू, 88 टीम लगाईं
डीसीओ ने बताया कि गन्ना का सट्टा सर्वेक्षण का प्रदर्शन शुरू हाे गया है। 88 टीमों को काम में लगाया गया है। हर टीम में तीन-तीन कर्मचारी शामिल किए गए हैं। यह कर्मी गांव-गांव जाकर सट्टा का प्रदर्शन कर रहे हैं।
यदि किसी गन्ना किसान को कोई आपत्ति है तो वह मौके पर ही कर्मचारियों को दर्ज करा सकता है। उसका निस्तारण तुरंत कराया जाएगा। उन्होंने सभी किसानों से अपना-अपना सर्वेक्षण व प्रदर्शन देखने का आह्वान किया है।