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    बजट होने पर भी प्रसूताओं को नहीं बांटे पैसे, अमरोहा के MOIC समेत दर्जनभर अफसरों पर गिरी गाज; वेतन रोका

    Updated: Wed, 15 Jul 2026 04:15 AM (IST)

    अमरोहा में जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसूताओं को प्रोत्साहन राशि के भुगतान में लापरवाही सामने आई है, जिससे जनपद प्रदेश में 56वें स्थान पर रहा। इस पर ...और पढ़ें

    सीएमओ कार्यालय। जागरण

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    HighLights

    1. जनपद के प्रदेश में 56वें स्थान पर आने पर सीडीओ ने जताई नाराजगी

    जागरण संवाददाता, अमरोहा। जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसूता लाभार्थियों को प्रोत्साहन राशि के भुगतान में लापरवाही सामने आने पर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) एके मिश्रा ने नाराजगी जताई है। शासन स्तर की समीक्षा में जनपद के 56वें स्थान पर आने के बाद सीएमओ ने ब्लाक स्तर के सभी एमओआइसी (चिकित्साधीक्षक), डीईएम समेत दर्जनभर से अधिक कर्मचारियों के वेतन आहरण पर रोक लगा दी है।

    जननी सुरक्षा योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में संस्थागत प्रसव कराने वाली प्रसूताओं को विभाग की ओर से प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसमें शहरी क्षेत्र की प्रसूता को एक हजार रुपये और ग्रामीण क्षेत्र की प्रसूता को 1400 रुपये दिए जाते हैं। नियमानुसार प्रसव के 15 दिन के भीतर लाभार्थियों के खातों में धनराशि भेजी जानी होती है।

    ब्लाकवार भुगतान की स्थिति (जननी सुरक्षा योजना)

    ब्लाक संस्थागत प्रसव प्रोत्साहन राशि पाने वाली प्रसूताएं शेष (लंबित भुगतान) भुगतान का प्रतिशत
    अमरोहा 508 389 119 76.57%
    धनौरा 262 144 118 54.96%
    हसनपुर 598 281 317 46.98%
    जोया 471 255 216 54.14%
    रहरा 595 251 344 42.18%
    गजरौला 396 257 139 64.89%
    जिला अस्पताल 537 286 251 53.25%
    कुल 3,367 1,863 1,504 55.33%

    विभागीय आंकड़ों के अनुसार, एक अप्रैल से 13 जुलाई तक जिले के सरकारी अस्पतालों में 3367 गर्भवतियों ने संस्थागत प्रसव कराए। इसके सापेक्ष अब तक केवल 1863 प्रसूताओं को ही प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया गया है। यानी कुल लाभार्थियों के मुकाबले सिर्फ 54 प्रतिशत भुगतान ही हो सका है। जबकि विभाग के पास बजट उपलब्ध होने के बाद भी भुगतान में देरी बरती गई।

    भुगतान की स्थिति खराब होने के कारण प्रदेश स्तर पर हुई समीक्षा में अमरोहा की रैंक 56वीं रही। इस पर सीडीओ एके मिश्रा ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद सीएमओ ने सभी एमओआइसी, डीईएम संजीत मोदी, बीपीएम, बीईएम और लेखाकारों के वेतन आहरण पर रोक लगा दी है। कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों में खलबली मची हुई है।

     

    जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसूता लाभार्थियों को भुगतान करने में जनपद प्रदेश में 56वें स्थान पर है। लापरवाही पर सीडीओ एके मिश्रा ने संबंधित के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उनके अनुपालन में समस्त एमओआइसी, डीईएम, बीईएम, बीपीएम और लेखाकारों के वेतन आहरण पर रोक लगाई गई है।

    - डाॅ. रमाकांत सागर, सीएमओ।


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