अमरोहा में मरीजों को हीटवेव से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, सरकारी अस्पतालों में बनवाए कोल्ड रूम
अमरोहा में भीषण गर्मी और लू के प्रकोप से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल और सीएचसी में कोल्ड रूम बनाए हैं। ...और पढ़ें
-1779627953480_m.webp)
जिला अस्पताल में हीटवेव से बचाव को बना कोल्ड रूम

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, अमरोहा। भीषण गर्मी संग लू का प्रकोप बरकरार है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से मरीजों को गर्मी व लू के प्रकोप से बचाने के लिए जिला अस्पताल समेत समस्त सीएचसी में कोल्ड रूम बनाए गए हैं। जिनमें जरूरी दवाओं संग एसी, कूलर संग पंखों की व्यवस्था की गई है। कोल्ड रूम में भर्ती मरीजों की रोजाना मॉनिटरिंग की जा रही है।
मई माह में लगातार तापमान बढ़ता ही जा रहा है। जिससे भीषण गर्मी संग लू से आमजन बेचैन हैं। इससे सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों का स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। लिहाजा डीएम डॉ. नितिन गौड़ ने जनपद में अलर्ट जारी कर दोपहर 12 बजे से तीन 6 बजे तक तेज धूप व लू में घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की।
वहीं स्वास्थ्य विभाग को अलग से कोल्ड वार्ड स्थापित करने के निर्देश जारी किए थे। जिसके अनुपालन में विभाग ने गर्मी से बचाव के लिए जिला अस्पताल में दस तथा सीएचसीस्तर पर चार बेड का कोल्ड रूम बनाया है।
प्रभारी सीएमओ डॉ. योगेंद्र सिंह ने बताया कि कोल्ड रूम में एयरकंडीशनर से लेकर कूलर, पंखे की व्यवस्था कराई गई जाएगी। खिड़कियों के पास पर्दे लगवाए गए हैं। मरीज का तापमान मापने के लिए थर्मामीटर संग ओआरएस घोल, जरूरी दवांए, ओरल रिहाइड्रेशन साल्ट, आईसपैक्स, इंट्रावीनस फ्लूडस, अग्निशमन यंत्र, ग्लूकोज की बोतल, ठंडे पानी के लिए आरओ की व्यवस्था की गई है। साथ ही मरीजों की देखरेख के लिए अलग से स्टाफ तैनात किया गया है।
हीट वेव से प्रभावित मरीज के लक्षण
- शरीर का तापमान बढ़ने के साथ पसीना आना।
- मरीज के सिर में दर्द होना या भारीपन होना।
- त्वचा का सूखा एवं लाल होना।
- मरीज को उल्टी दस्त होने की शिकायत।
- बेहोश हो जाना व मांसपेशियों में ऐंठन होना।
हीट वेव से प्रभावित मरीजों की रोजाना की जा रही मॉनिटरिंग
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एके भंडारी ने बताया कि जिला अस्पताल में हीट वेव से प्रभावित मरीजों की रोजाना मॉनिटरिंग की जा रही है। जिसमें स्वास्थ्य विभाग रोजाना मरीजों की रिपोर्ट शासन को भेजा जा रहा है। इसके लिए चिकित्साधिकारियों , पैरामेडिकल स्टाफ, फ्रंटलाइन वर्करों को प्रशिक्षण दिया गया है।
गर्मी व लू के प्रकाेप से ऐसे करें बचाव
- घर से बाहर जाते समय छाता लगाए और चश्मा पहनें।
- हल्के आरामदायक सूती कपड़े पहनें।
- शीतल जल व नारियल व नीबू का पानी पीते रहें।
- घरों की खिड़कियों पर पर्दा लगाएं।-दस बजे से तीन बजे तक घर से बाहर निकलने से परहेज करें।
- दही, मट्ठा, लस्सी का सेवन करें।
- बीमार बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
- हीट स्ट्रोक यानि लू के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत सरकारी अस्पताल में दिखाएं।
यह न करें
- अत्याधिक गर्मी में घर से बाहर न निकलें।
- नंगे पैर बाहर न निकलें।
- अत्याधिक प्रोटीनयुक्त भोजन व बासी भोजन करने से परहेज करें।
- धूप में खड़ी गाड़ियों में बच्चों को न छोड़ें।
- गहरे व चटकीले रंग के कपड़ों को न पहनें।
- बंद व अत्याधिक गर्मी वाले स्थान पर भोजन नहीं पकाएं।
- शराब, चाय, काफी, कार्बोहाइड्रेट, साफ्ट ड्रिंक आदि का सेवन बिल्कुल न करें।
- तेज धूप में ज्यादा मेहनत का कार्य न करें।
सरकारी अस्पतालों में मरीजों की ओपीडी 6000 से पार
तापमान संग गर्मी का प्रकोप के चलते बड़ी संख्या में लोग उल्टी-दस्त और वायरल, टाइफाइड की चपेट में आ रहे हैं। जिससे जिला अस्पताल समेत समस्त सीएचसी-पीएचसी में मरीजों की ओपीडी बढ़कर 6000 से हो गई है।
खबरें और भी
हालात यह है कि इलाज के बावजूद भी मरीजों को राहत नहीं मिल पा रही है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एके भंडारी ने बताया कि जिला अस्पताल में रोजाना 2000 मरीजों के पार ओपीडी हो रही है। जिसमें उल्टी-दस्त, वायरल, टाइफाइड के मरीज अधिक निकल रहे हैं।