अमरोहा फर्जीवाड़ा: कंपोजिट फर्म होकर भी काट ली 18% GST, जांच में फंसी राखी फोटो स्टूडियो की गर्दन
अमरोहा में राखी फोटो स्टूडियो ने पंचायतों को स्टेशनरी आपूर्ति में 80 लाख रुपये का फर्जीवाड़ा किया। कंपोजिट फर्म होने के बावजूद उसने 18% जीएसटी काटी, ज ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र
HighLights
तीन सदस्यीय कमेटी कर रही जांच, पंचायत सचिवों से मांगे जा रहे फर्म के बिल
जागरण संवाददाता, अमरोहा। जिले की पंचायतों में राखी फोटो स्टूडियो हसनपुर के द्वारा चार सालों में 80 लाख रुपये की स्टेशनरी आपूर्ति किए जाने के मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ती जा रही है वैसे-वैसे फर्जीवाड़े की परतें प्याज के छिलकों की तरह उधड़ती जा रही हैं। जांच में कमेटी को पता चला है कि राखी फोटो स्टूडियो फर्म रेगुलर नहीं बल्कि कंपोजिट है। उसको जीएसटी कटौती करने का कोई अधिकार नहीं है।
इसके बावजूद उसके द्वारा पंचायतों से 18 प्रतिशत धनराशि जीएसटी के नाम पर वसूली गई। बहरहाल, मामले में फर्म संचालक की गर्दन पूरी तरह फंस गई है। अभी जांच का काम चल रहा है और पंचायत सचिवों से बिल मांगे जा रहे हैं। इससे सचिवों में खलबली मची है। कमेटी ने स्पष्ट कहा है कि जो बिल नहीं उपलब्ध कराएगा उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के मुताबिक यदि किसी की फर्म कंपोजिट है और उसका सालभर कर टर्नओवर एक करोड़ से कम है तो उसको जीएसटी कटौती का कोई अधिकार नहीं है। यदि टर्नओवर एक करोड़ से अधिक का है और वह रेगुलर फर्म है तो उसके द्वारा 18 प्रतिशत जीएसटी की कटौती की जाएगी।
एक करोड़ से अधिक के टर्नओवर वाली फर्म ही रेगुलर की श्रेणी में आती हैं। लेकिन, राखी फोटो स्टूडियो के संचालक ने सभी नियमों को ताक पर रख दिया। उसके द्वारा स्टेशनरी की आपूर्ति करने पर पंचायतों से 18 प्रतिशत की जीएसटी वसूल की गई। इसे न तो उसने वाणिज्य कर विभाग में जमा किया और न ही उसको जीएसटी कटौती करने का कोई अधिकार था।
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कमेटी की जांच में उसकी फर्म रेगुलर नहीं बल्कि कंपोजिट पाई गई है। कंपोजिट फर्म होने के बाद भी उसने जीएसटी काटकर लाखों के वारे-न्यारे किए। हैरानी की बात ये है कि पंचायत सचिवों को उसने धड़ाधड़ बिल काटकर दिए हैं लेकिन, किसी ने भी उसकी फर्म की गहनता से जांच नहीं की।
प्रत्येक सचिव बिल कटवाता रहा। कमेटी ने जांच में इस फर्जीवाड़े को भी शामिल करने का फैसला लिया है। बार-बार कहने के बाद भी पंचायत सचिवों के द्वारा फर्म द्वारा काटे गए बिलों का ब्योरा उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। इस मामले को कमेटी ने संजीदगी से लिया है और ऐसे सचिवों को चिन्हित कर कार्रवाई करने के लिए भी चेताया है।
अभी मामले की जांच चल रही है। तीन सदस्यीय कमेटी जांच में जुटी है। राखी फोटो स्टूडियो रेगुलर नहीं बल्कि कंपोजिट फर्म है। उसे जीएसटी काटने का अधिकार नहीं है। लेकिन, उसने 18 प्रतिशत जीएसटी की कटौती कर शासकीय धनराशि हड़पी है। पंचायत सचिवों से बिल मांगे जा रहे हैं। जो नहीं देगा, उसके खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। जल्द ही जांच पूरी कर अगली कार्रवाई के लिए रिपोर्ट को भेजा जाएगा।
- अश्वनी कुमार मिश्र, सीडीओ
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