अमरोहा में 4 महीने से 'मुफ्त अल्ट्रासाउंड' बंद, 'मातृत्व सुरक्षा योजना' की गर्भवतियां बेहाल
अमरोहा में पिछले 4 महीनों से मुफ्त अल्ट्रासाउंड सेवा बंद होने के कारण 'मातृत्व सुरक्षा योजना' के तहत गर्भवती महिलाएं परेशान हैं। मुफ्त अल्ट्रासाउंड से ...और पढ़ें
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गर्भवती की जांच करती डाक्टर
जागरण संवाददाता, अमरोहा। प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षित योजना के तहत निजी पैनल वाले अस्पतालों में अगस्त माह से गर्भवतियों को मुफ्त अल्ट्रासाउंड सेवाएं देनी बंद कर दी है। वह नकद रुपये लेकर ही गर्भवतियों के अल्ट्रासाउंड कर रहे हैं। इसका कारण निजी केंद्रों को सरकार से भुगतान न होना बताया जा रहा है। महिला चिकित्सकों ने भी सरकारी पर्चो पर मुफ्त अल्ट्रासाउंड लिखने बंद कर दिए हैं। जिससे गर्भवतियां परेशान हैं।
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षित योजना चला रखी है। जिसमें महीने में चार दिन एक, नौ, 16 और 24 तारीख को सीएचसी-पीएचसी में स्वास्थ्य शिविर लगाए जाते हैं। जिसमें गर्भवतियां शिविर में आकर अपनी जांच कराती हैं। इसमें उनकी यूरिन, हीमोग्लोबिन, एचआईवी, शुगर, बीपी, टाइफाइड, एचसीवी, बीडीआर आदि जांच मुफ्त कराई जाती है।
हाईरिस्क वाली गर्भवतियों को इलाज के लिए रैफर किया जाता है। इसमें खास बात यह है इनका मुफ्त अल्ट्रासाउंड कराने के लिए ब्लाकस्तर पर करीब आठ अल्ट्रासाउंड सेंटर पैनल में गठित हैं। जिसमें महिला चिकित्सक के पर्चे पर लिखती है। मोबाइल नंबर पर मैसेज आने पर गर्भवती उसमें जाकर मुफ्त अल्ट्रासाउंड करा सकती है। जिसका भुगतान सरकार करती है।
मगर हैरत की बात है कि अगस्त माह से निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों ने उनके मुफ्त अल्ट्रासाउंड करने बंद कर दिए हैं। पर्चे पर गर्भवतियों को अल्ट्रासाउंड लिखा तो उनके मोबाइल पर मैसेज नहीं आया। वह जब अपना अल्ट्रासाउंड कराने जाती है तो मना कर देते है और नकद भुगतान करने पर ही अल्ट्रासाउंड की बात कह रहे हैं।
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गर्भवतियां मजबूर होकर रुपये देकर अपना अल्ट्रासाउंड करा रही हैं। गर्भवतियों का मुफ्त अल्ट्रासाउंड न कराने का कारण सरकार से भुगतान नहीं होना बताया जा रहा है। जिसके चलते आयोजित शिविरों में महिला चिकित्सकाें ने सरकारी पर्चे पर अल्ट्रासाउंड लिखने भी बंद कर दिए हैं। नगर सीएचसी की महिला चिकित्सक ने बताया कि पूरे जिले में किसी भी नामित सेंटर पर अगस्त से अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे हैं।
गर्भवतियां परेशान है और वह रुपये देकर ही अपना अल्ट्रासाउंड करा रही है। जिम्मेदार अधिकारी निजी सेंटरों को पोर्टल में तकनीकि समस्या के चलते भुगतान में समस्या बता रहे हैं। जबकि सेंटर संचालक भी भुगतान न होने के कारण गर्भवतियों के मुफ्त अल्ट्रासाउंड न होने का कारण बता रहे हैं।
425 रुपये प्रति अल्ट्रासाउंड सरकार करती है भुगतान
प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षित योजना में अमरोहा तीन अल्ट्रासाउंड समेत ब्लाकस्तर पर करीब आठ निजी सेंटरों को पैनल में नामित किया गया है। जिसमें गर्भवतियो के मुफ्त अल्ट्रासाउंड के निर्देश है। जिसमें सरकार 425 रुपये प्रति अल्ट्रासाउंड के हिसाब से निजी सेंटरों को भुगतान करती है।
इन गर्भवतियों का नहीं हुआ अल्ट्रासाउंड
नगर में जिन गर्भवतियों का अल्ट्रासाउंड नहीं हुआ है और उन्हें रुपये देकर ही अपना अल्ट्रासाउंड कराया है। उनके नाम इस प्रकार हैं। आशिया, अर्शी, निखत, नाजिया, लायवा, शहाना, फरहा, साजिदा, तबस्सुम, शायमा, बेबी, निशा, अतिया, आलिया, फरहीन, मनीषा, सनम, निदा, सना आदि के नाम शामिल है।
प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षित योजना में गर्भवतियों का पैनल में गठित निजी सेंटरों पर मुफ्त अल्ट्रासाउंड हो रहा है। जिसके बदले सरकार 425 रुपये प्रति अल्ट्रासाउंड के हिसाब से सेंटर संचालक को भुगतान कर रही है। कुछ सेंटर पर पर भुगतान प्रणाली में तकनीकि समस्या के कारण भुगतान नहीं हुआ है।
- डा. सत्यपाल सिंह, सीएमओ
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