यूपी में झमाझम बारिश का कमाल: धड़ाम से गिरा बिजली का लोड, बिजली विभाग ने ली राहत की सांस!
लगातार बारिश के कारण अमरोहा में बिजली की खपत 550 मेगावाट से घटकर 400 मेगावाट हो गई है, जिससे विभाग को राहत मिली है। भीषण गर्मी में ओवरलोड और फॉल्ट से ...और पढ़ें

अमरोहा स्थित बिजली उपकेंद्र। जागरण आर्काइव
HighLights
उमसभरी गर्मी संग तापमान बढ़ने से 550 मेगावाट तक प्रतिदिन पहुंच गई थी बिजली की खपत
जागरण संवाददाता, अमरोहा। भीषण गर्मी संग लगातार तापमान बढ़ने से बिजली का लोड भी बढ़कर रोजाना 550 मेगावाट तक पहुंच गया था। जिससे बिजली शेड्यूल भी गड़बड़ाया हुआ था। क्योंकि ओवरलोड-होने से जगह-जगह बिजली लाइनों में फाल्ट व ट्रांसफार्मर फूंक रहे थे, लेकिन अब लगातार वर्षा होने से रोजाना 400 मेगावाट बिजली की खपत हो रही है। जिससे 30 प्रतिशत बिजली का लोड कम होने पर विभाग में भी राहत की सांस ली है।
मई-जून माह में गर्मी संग लू ने खूब कहर बरपाया। जिससे अधिकतम तापमान भी 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था। जिलेभर में चारो तरफ लोग गर्मी से त्राही-त्राही कर रहे थे। जिससे ट्रांसफार्मरों पर भी लोड बढ़ गया था और वह ओवरलोड होकर हांफने लगे थे। शाम होते ही ओवरलोड होने पर 30 से 35 ट्रांसफार्मर रोजाना फुक रहे थे। जिससे बिजली विभाग को भी बिजली कटौती करनी पड़ रही थी।
हालात यह थे कि जून माह माह में रोजाना बिजली की खपत 550 मेगावाट तक पहुंच गइ्र थी। किसान भी अपनी फसलों की सिंचाई देते-देते परेशान हो गए थे, क्योंकि शेडयूल अनुसार बिजली नहीं मिल रही थी। रोजाना ओवरलोड के चलते जगह-जगह लाइनों में फाल्ट हो रहे थे।
लेकिन अब लगातार चार दिन से वर्षा होने से जहां लोगों को उमसभरी गर्मी से राहत मिली है। वहीं बिजली का लोड भी कम हो गया है। रोजाना 550 मेगावाट से घटकर केवल 400 मेगावाट बिजली खपत का रह गया है। जिससे बिजली विभाग ने भी राहत महसूस की है।
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बिजली लोड कम होने का कारण
लगातार वर्षा होने से 30 प्रतिशत बिजली का लोड कम हुआ है, क्योंकि जिलेभर में 57 हजार ट्यूबवेल कनेक्शन है। वर्षा से पूर्व सभी किसान अपनी फसलों की सिचाई कर रहे थे। वहीं एसी का भी धड़ल्ले से प्रयोग हो रहा था। लेकिन वर्षा होने पर सभी किसानों के खेत पानी से भर गए हैं। जिससे अब ट्यूबवेल से सिचाई नहीं हो रही है। वहीं लोग एसी का भी कम इस्तेमाल कर रहे हैं। यही कारण है कि बिजली लोड कम हो गया है।
वर्षा से पूर्व उमसभरी गर्मी संग तापमान बढ़ने से बिजली की खपत रोजाना 550 मेगावाट तक पहुंच गई थी। ओवरलोड के चलते ट्रांसफार्मर फुकने के साथ लाइनों में फाल्ट हो रहे थे। जिससे विभाग शेड्यूल अनुसार बिजली मुहैया कराने में परेशान था। लेकिन अब लगातार वर्षा होने से बिजली की रोजाना खपत 550 मेगावाट से घटकर 400 मेगावाट हो गई है।
- राघवेंद्र प्रताप सिंह, अधीक्षण अभियंता
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