अमरोहा रोडरेज मर्डर: राशिद की मौत से टूट गया परिवार, गुस्से के साथ चेहरों पर दिखी बेबसी
अमरोहा में रोडरेज के चलते राशिद हुसैन की हत्या से उनका परिवार टूट गया है। रविवार को छुट्टी होने के कारण राशिद अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रिश्तेदारी म ...और पढ़ें

HighLights
राशिद हुसैन की रोडरेज में हुई हत्या।
पत्नी और बच्चों के साथ रिश्तेदारी जा रहे थे।
परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
जागरण संवाददाता, अमरोहा। राशिद हुसैन रविवार दोपहर छुट्टी होने के कारण पत्नी रुखसार के कहने पर रिश्तेदारी में जाने के लिए घर से निकले थे। तीनों बच्चे भी साथ थे तो उन्होंने भतीजे सलमान को भी साथ ले लिया था। परंतु किस्मत में कुछ और ही लिखा था। उनका परिवार के साथ यहीं तक का सफर था।
राशिद की मौत के बाद परिवार टूट गया है। जहां बच्चे पिता का साया सिर से उठने से अंजान तो पत्नी बदहवास थी। अन्य स्वजन के चेहरे पर घटना को लेकर गुस्सा साफ दिख रहा था तो बेबसी व आंसू भी थे।
मुहल्ला नल नई बस्ती निवासी स्व. अली हुसैन के परिवार में पांच बेटे जाकिर हुसैन, वाजिद हुसैन, जाहिद हुसैन, राशिद हुसैन, शाहिद हुसैन तथा साकिब हुसैन हैं। तीसरे बेटे जाहिद हुसैन की 2019 में हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है। राशिद हुसैन 2017 में क्लर्क के पद पर भर्ती हुए थे, जबकि सबसे छोटे साकिब हुसैन जिला न्यायालय में अधिवक्ता हैं।
शेष तीन भाई कारोबार करते हैं। हालांकि चौथे नंबर का होने के बाद भी राशिद हुसैन परिवार में जिम्मेदार थे। किसी भी मामले में अन्य भाई उनकी सलाह ही लेते थे। चूंकि आज रविवार था तथा राशिद के कार्यालय की छुट्टी थी तो पत्नी रुखसार के कहने पर वह बच्चों व भतीजों को लेकर रुखसार के ननिहाल मुरादाबाद के गांव पट्टी जाने के लिए घर से निकले थे।
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गुमान भी नहीं था कि परिवार के साथ यह सफर राशिद के लिए अखिरी साबित होगा। मामूली टक्कर से गुस्साए लोग उनकी जान ले लेंगे। राशिद की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मौके पर पहुंचे स्वजन पत्नी रुखसार व तीनों बच्चों को घर ले आए। हालांकि रुखसार को पति की मौत की जानकारी हो गई थी, लेकिन तीनों बच्चे पिता की मौत से बेखबर रहे।
मुहल्ले में सांत्वना देने वालों का लगा रहा तांता
जैसे ही शहर के लोगों को राशिद हुसैन की हत्या की सूचना मिली तो उनके घर पर शहर के लोगों तांता लग गया।देखते ही देखते घर पर लोगों की भीड़ लग गई। मुहल्ले के लोगों का कहना है कि राशिद मिलनसार व्यक्ति थे। मुहल्ले में आसपास रहने वाले लोगों के हर सुख-दुख में शामिल रहते थे। घटना से मुहल्ले में भी मातम पसरा है।