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    23 करोड़ का बजट, 103 किमी की लाइन, फिर भी फाइलों में अटका अमरोहा के 196 गांवों का उजाला

    Updated: Sat, 23 May 2026 07:00 AM (IST)

    अमरोहा के 196 गांवों की नई आबादी में बिजली पहुंचाने का 23 करोड़ का प्रोजेक्ट एक साल से मेरठ डिस्कॉम में अटका है। 'लेफ्ट आउट हाउसहोल्ड' योजना के तहत 10 ...और पढ़ें

    अमरोहा स्थित विद्युत उपकेंद्र। जागरण

    अमरोहा स्थित विद्युत उपकेंद्र। जागरण

    HighLights

    1. विभाग ने लेफ्ट आफ हाऊस होल्ड योजना के बिजली लाइन बिछाने के लिए पिछले साल भेजा था प्रस्ताव

    जागरण संवाददाता, अमरोहा। बिजली विभाग ने लेफ्ट आफ हाऊस होल्ड योजना के तहत जनपद के 196 गांवों की नई आबादी में बिजली लाइन बिछाने के लिए प्रोजेक्ट तैयार करके डिस्काम मेरठ भेजा था। लेकिन एक साल बाद भी बिजली लाइन बिछाने के लिए कोई अप्रूवल नहीं मिला है। जिससे इन गांवों की नई आबादी में लोग अंधेरे में रह रहे हैं। विभागीय अधिकारी शासन से अप्रूवल मिलने के बाद ही लाइन बिछाने का आश्वासन दे रहे हैं।

    दरअसल, उपभोक्ता को नया बिजली कनेक्शन लेने के लिए 40 मीटर की दूरी तक ही मानक निर्धारित है। 40 मीटर से अधिक दूरी से कनेक्शन लेने के लिए जेई सर्वे कर एस्टीमेट तैयार करता है। जिसमें उपभोक्ता को दूरी के हिसाब से मोटी फीस भरनी पड़ती है। बशर्ते वह आवास अवैध प्लाटिंग में बना न हो।

    बिजली विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जनपद के 196 गांव ऐसे थे। जिनमें गांव से हटकर ग्रामीणों ने नई आबादी बसा ली थी। नई आबादी में 40 से 50 घर शामिल थे। नई आबादी में बिजली कनेक्शन के लिए दूर-दूर तक खंभा भी नहीं था।

    बिजली कनेक्शन लेने के लिए ग्रामीणों ने विभाग को आवेदन भी किए थे, मगर खंभों व लाइन की दूरी अधिक होने से उन्हें बिजली कनेक्शन देने से विभाग ने अपने हाथ खड़े कर दिए थे। जिसके चलते नई आबादी के ग्रामीण अंधेरे में रह रहे हैं।

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    शिकायतों पर शासन ने सर्वे कर बिजली लाइन बिछाने के लिए प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। विभागीय अधिकारियों ने लेफ्ट आफ हाऊस होल्ड योजना के तहत सर्वे कराया था और प्रस्ताव तैयार कर मेरठ डिस्काम को भेजा गया था।

    मगर अभी तक वहां से प्रस्ताव ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है। अप्रूवल न मिलने से आज तक इन गांवों में विद्युतीकरण का कार्य शुरू नहीं हो सका। जिसके चलते इन नई आबादी के ग्रामीण अंधेरे में जीवन यापन कर रहे हैं।

    23 करोड़ रुपये की लागत का किया था आंकलन

    पिछले वर्ष तत्कालीन अधीक्षण अभियंता विष्णु दयाल यादव ने नई आबादी में बिजली लाइन बिछवाने में करीब 23 करोड़ रुपये खर्च होने का आंकलन किया। जिसमें खंभे, ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली लाइन बिछाई जानी थी। बिजली लाइन बिछाने के बाद उपभोक्ताओं से मामूली फीस जमा कराने के बाद उन्हें मुफ्त कनेक्शन दिए जाने का प्रावधान था।

    103 किमी में एलटी-एचटी लाइन बिछाने का प्रस्ताव किया था तैयार

    बिजली विभाग के अधिकारियों ने 196 गांवों की नई आबादी में बिजली कनेक्शन के लिए 80 किमी एलटी लाइन व 23 किमी एचटी लाइन बिछवाकर नये खंभे लगवाने का प्रस्ताव तैयार किया था। सप्लाई के लिए 58 ट्रांसफार्म रखे जाने थे, लेकिन आज तक अप्रूवल नहीं मिलने से लाइन नहीं बिछ सकी।

     

    196 गांवों की नई आबादी में विद्युतीकरण कराने के लिए लेफ्ट आफ हाऊस होल्ड योजना के तहत सर्वे कराकर प्रस्ताव तैयार करके मेरठ डिस्काम भेजा था। डिस्काम प्रस्ताव में करेक्शन करके शासन को भेजना था। लेकिन अभी तक डिस्काम से ही प्रस्ताव को आगे नहीं बढ़ाया गया है। जिसके चलते अभी तक नई अ्राबादी में विद्युतीकरण नहीं हो सका।

    - निखिल वर्मा, नोडल अधिकारी एवं एक्सईएन


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