फ्लिपकार्ट-अमेजन पर छाईं अमरोहा की 'लखपति दीदी', 5 लाख से शुरू कर ऐसे खड़ा किया 12 लाख का बिजनेस
सोनिका सिंह ने 5 लाख के ऋण से कपड़े का कारोबार शुरू कर उसे 12 लाख सालाना तक पहुंचाया, फ्लिपकार्ट और अमेज़न पर बेचकर आत्मनिर्भर बनीं। उन्होंने 14 लोगों को रोजगार भी दिया और 'इंडीपेंडेंट लेडी' के रूप में सम्मानित हुईं, अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनीं।

कपड़ों की कटिंग करतीं सोनिका सिंह। सौ. स्वयं
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14 लोगों को रोजगार से जोड़कर बनी इंडीपेंडेंट लेडी
राहुल शर्मा, अमरोहा। नाम सोनिका सिंह...। शिक्षा- बीए पास। गांव का नाम सलेमपुर गोसाईं... यह वह नाम है जिसने आत्मनिर्भर बनने की मन में ठानी और सपनों को हकीकत में बदलकर दिखाया। जिंदगी को स्वावलंबन की राह पर चलाकर लखपति दीदी बनीं। पांच लाख रुपये ऋण लेकर काम शुरू किया और आनलाइन प्लेटफार्म के सहारे सफलता की कहानी लिखी।
न सिर्फ ऑनलाइन कपड़ों की बिक्री की बल्कि लोगों को भी रोजगार उपलब्ध कराया। खुद की मैन्युफैक्चरिंग कर सपनों को पंख लगाए। पांच लाख से शुरू किया कपड़ों का कारोबार अब दस से 12 लाख रुपये सालाना तक पहुंच गया है। महिलाओं के लिए वह प्रेरणास्रोत बन गई हैं। इंडीपेंडेंट लेडी के रूप में सम्मानित हो चुकी हैं।
वर्ष 2018 में सोनिका ने हरि स्वयं सहायता समूह बनाया। जिसकी वह स्वयं अध्यक्ष हैं। सचिव नीमा देवी के अलावा समूह से पुष्पा, रजनी, कुसुम, रविता, भूरि, सुधा, कीर्ति व मनु सदस्य के रूप जुड़ी हैं। बताती हैं कि वह सिलाई का काम करती थीं। उससे कोई खास आमदनी नहीं होती थी।
इसके बाद लाॅकडाउन लग गया। मन में ठान लिया है कि सिलाई के काम को ही आगे बढ़ाना है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत पांच लाख का ऋण लेकर एक हाल बनवाया और छह सिलाई मशीन खरीदी। पड़ोस के गांव के तीन लोगों से बातचीत कर सिलाई का कार्य शुरू कर दिया।
सबसे पहले महिलाओं मैक्सी ड्रेस सिलवाईं। हर जगह पाबंदी थी, इसलिए ऑनलाइन उनकी बिक्री शुरू कर दी। छह हजार मैक्सी ड्रेस लाॅकडाउन में बिकी और दो लाख रुपये का मुनाफा हुआ। इसके बाद निर्णय लिया कि खुद की मैन्युफैक्चरिंग कर कपड़ों को ऑनलाइन प्लेटफार्म पर बेचा जाए।
जीएसटी विभाग में एविको मैन्युफैक्चरिंग फर्म बनाकर पंजीकरण कराया। 12 मशीन खरीदी और काम करने वालों की संख्या बढ़ाकर सात कर दी। लेडीज कुर्ती, प्लाजो, जेंट्स कुर्ता व कुर्ती, पजामा, फ्राॅक, गाउन, शर्ट, पेंट, कोट सेट बनाकर ब्रांडेड प्लेटफार्म फ्लिपकार्ट और अमेजान पर रजिस्ट्रेशन कर बेचने शुरू कर दिए।
सालाना की आमदनी 11 से 12 लाख रुपये तक पहुंच गई। सात महिलाएं को भी रोजगार से जोड़ा। हर माह पांच से 15 हजार रुपये तक काम करने वालों को सैलरी देती हैं। वर्ष 2025 में उनको इन इंटरनेशनल संस्था एकल भारत द्वारा नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में इंडीपेंडेंट लेडी के रूप में सम्मानित किया जा चुका है।
सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का काम कर रही है। सोनिका सिंह लखपति दीदी हैं। उन्होंने खुद का मैन्युफैक्चरिंग काम शुरू कर सफलता पाई है। अन्य महिलाओं को उनसे सीखने की जरूरत है।
- अश्वनी कुमार मिश्र, सीडीओ।
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