यूपी में मनरेगा की जगह वीबी जीरामजी योजना लागू, बदले जाएंगे जॉबकार्ड, उल्लंघन पर 10000 का जुर्माना
मनरेगा की जगह विकसित भारत जीरामजी योजना लागू की गई है, जिसमें रोजगार के दिन, मजदूरी भुगतान की अवधि और जुर्माने में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
अमरोहा में मनरेगा की जगह विकसित भारत जीरामजी योजना लागू।
रोजगार गारंटी 100 से बढ़कर 125 दिन की गई।
योजना उल्लंघन पर जुर्माना 1000 से 10000 रुपये बढ़ा।
जागरण संवाददाता, अमरोहा। जिले में मनरेगा की जगह गत एक जुलाई से विकसित भारत जीरामजी योजना लागू कर दी गई है। इसमें काफी बदलाव किए गए हैं। इसके तहत चार मुख्य क्षेत्रों जल सुरक्षा, ग्रामीण बुनियादी ढांचा, आजीविका व जलवायु परिवर्तन पर धनराशि खर्च की जाएगी।
प्रशासनिक मद खर्च की धनराशि भी छह से बढ़ाकर नौ कर दी गई है। जीरामजी अधिनियम का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति पर दस हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। मनरेगा में यह एक हजार रुपये था। इसमें नौ हजार रुपये बढ़ा दिए गए हैं। मजदूरों के जाबकार्डों में भी बदलाव किया जाएगा।
मनरेगा में 100 दिवस के रोजगार की गारंटी थी लेकिन, वीबी जीरामजी में 125 दिन की गारंटी कर दी गई है। पहले 15 दिन में मजदूरी का भुगतान होता था लेकिन, अब उसकी समयावधि को कम करते हुए सात दिन कर दिया गया है।
जीरामजी में वर्षा के सीजन में खेती-किसानों के समय किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए 60 दिन काम बंद रखने का प्रावधान किया गया है जबकि, पहले ऐसा कोई प्रावधान नहीं था।
कामों को चार वर्गों में वर्गीकृत करते हुए स्कूल भवन, प्रयोगशाला सहित जल जीवन मिशन के कार्य भी उसमें सम्मिलित किए गए हैं। पहले कामों की सीमितता थी। अब नागरिकों को रियल टाइम सूचना प्रदान करने व मैनेजमेंट के लिए डैशबोर्ड की व्यवस्था रहेगी।
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ग्राम पंचायतों को 2047 तक विकसित पंचायत निर्माण की परिकल्पना की गई है। अकुशल मजदूरों को प्रशिक्षित कर आजीविका से जोड़ते हुए कौशल विकास में वृद्धि का प्रावधान किया गया है।
आजीविका मिशन से जुड़े कार्य भी कराए जाएंगे
विकसित ग्राम पंचायत प्लान के सभी कार्यों को विकसित भारत नेशनल रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर स्टेक में एकीकरण किया जाएगा जबकि, मनरेगा में कोई प्रावधान नहीं था। राज्य के लिए मानक बजट स्वीकृत किया जाएगा, इससे अधिक राशि व्यय होने पर देनदारी राज्य सरकार की होगी।
मनरेगा में मजदूरी व प्रशासकीय मद की पूरी तथा सामग्री मद की 75 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार द्वारा देय, लेबर बजट समाप्त होने पर संशोधित स्वीकृति प्राप्त की जाती थी।
वीबी जीरामजी के लिए आपरेशन गाइडेंस कोआर्डिनेशन, मानीटरिंग के लिए राज्य स्तरीय संचालन समिति गठित की जाएगी जबकि, पहले राज्य स्तरीय सशक्त समिति गठित थी। आजीविका मिशन से जुड़े काम भी कराए जाएंगे।
वीबी जीरामजी योजना में सरकार द्वारा काफी बदलाव किए गए हैं। कार्य करने के चार मुख्य क्षेत्र निर्धारित किए हैं। आजीविका मिशन को भी उसमें शामिल गया है। एक्ट का उल्लंघन करने पर जुर्माना राशि बढ़ा दी गई है। मनरेगा में अनुमन्य कार्यों की संख्या 260 थी लेकिन, जीरामजी में उनको बढ़ाकर 318 कर दिया गया है।
-अश्वनी कुमार मिश्र, सीडीओ